धरना-प्रदर्शन

ईद पर राजधानी में नहीं मिलेगी धरना-प्रदर्शन की अनुमति

जिला प्रशासन ने कल दो दिसम्बर को ईद-मिलाद-उन-नबी के पावन पर्व के अवसर पर राजधानी रायपुर में शांति और सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण बनाए रखने की दृष्टि से किसी भी संगठन और किसी भी संस्था को रैली और धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। ताकि लोग शांतिपूर्ण ढंग से त्यौहार मना सकें। इनमें पंचायत संवर्ग के शिक्षक (शिक्षाकर्मी) भी शामिल हैं, जिन्हें राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से कलेक्टर रायपुर की ओर से रैली और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। जिला प्रशासन ने सभी संगठनों और नागरिकों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग की अपील की है।

शिवसेना का धरना-प्रदर्शन 16 को

शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन में शिवसेना की बैठक हुई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 नवंबर को जिले के सभी विधानसभा में ज्ञापन देकर 16 नवंबर को एसडीएम को जिला स्तरीय ज्ञापन दिया जाएगा। उसके बाद जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर, ग्रामीण जिला प्रभारी संजय नाग, जिला महासचिव लोकेश्वर चंद्राकर, जिला उपप्रमुख दुर्गेश गुप्ता, जिला उपप्रमुख अशोक प्रधान, सरायपाली विधानसभा प्रभारी हेमंत शर्मा, विधानसभा प्रमुख बादल बंजारे, विधानसभा उपप्रमुख विजय प्रधान मौजूद थे। इसके अलावा युवा सेना जिलाध्यक्ष धीरज सिन्हा, जिला महासचिव अभिषेक शर्मा, शहर अध्यक्ष अम

मांगों के लिए शिक्षकों ने किया धरना-प्रदर्शन

बस्तर जिले की अधिकांश शालाओं का संचालन शिक्षक पंचायत संवर्ग के हाथों में है। एक बार फिर 2012 के आंदोलन की तरह रूपरेखा तैयार हो चुकी है। प्रदेश के 146 विकास खण्ड मुख्यालयों में 29 अक्टूबर को शिक्षाकर्मियों ने अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षक पंचायत संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि शिक्षाकर्मी विगत 20 वर्ष से अधिक समय तक शासकीयकरण के इंतजार में है। वर्तमान सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में हमारी मांगों को पूरा करने का संकल्प लिया है, लेकिन आज तक हम संघर्ष ही करते आ रहे हैं।

धरना-प्रदर्शन 11 को

छत्तीसगढ़ स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर नगर पालिका कर्मचारी संघ महासमुंद की बैठक 5 अक्टूबर को हुई। नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामकुमार लोधी ने कहा कि, इसमें कर्मचारी महासंघ की ओर से 22 सूत्रीय मांगों के संबंध में 11 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन रायपुर के बूढ़ातालाब में करने प्रस्ताव पारित किया गया।