धान खरीदी

समर्थन मूल्य पर 1 नवम्बर से 31 जनवरी तक की जाएगी धान खरीदी

प्रदेश के साथ-साथ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में समर्थन मूल्य पर धान और मक्का के उपार्जन की नीति निर्धारित की गई है। भारत सरकार की ओर से खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 के लिए औसत अच्छी किस्म (एफ.ए.क्यू.) के धान और मक्का निर्धारित समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाना है। धान काॅमन 1750 रुपए प्रति क्विंटल, धान ग्रेड ए 1770 रुपए प्रति क्विंटल, मक्का 1700 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदी की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 के दौरान समर्थन मूल्य योजनांतर्गत राज्य के किसानों से धान की नगद व लिकिंग में खरीदी 1 नवम्बर 2018 से 31 जनवरी 2019 तक और मक्का की खरीदी 1 नवम्बर 2018 से 31 मई 2019 तक की जावेगी।

धान खरीदी निगरानी समितियों का हुआ गठन

छग किसान कांग्रेस के जिला इकाई की ओर से धान खरीदी बारदाने की गुणवत्ता और बारदानों के वजन सहित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केन्द्रों में सतत निगरानी रखने के लिए जिला और केन्द्रावार समिति का गठन किया गया है। यह समितियां धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को फसल का उचित मूल्यांकन और उचित मूल्य प्राप्त करने में सहयोग करेगी।

15 से शुरु होगी धान खरीदी

जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवम्बर 2017 से 31 जनवरी 2018 तक की जाएगी। इसके लिए जिले में 54 सहकारी समितियों के अंतर्गत 86 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। शासन की ओर से कॉमन धान प्रति क्ंिवटल 1550 रुपए और ए गे्रड धान की कीमत प्रति क्ंिवटल 1590 रुपए निर्धारित की गई है।

कोरबा के 41 केंद्रों में होगी धान खरीदी

सोमवार को खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में 15 नवंबर से शुरू होने जा रहे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधीश मो. कैसर अब्दुल हक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान उपार्जन केंद्रों में किसानों को अपना धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं बनाकर रखें। पीने का साफ पानी, एप्रोच मार्ग, छाया सुनिश्चित कर लें । इसके अलावा किसानों को समय पर टोकन उपलब्ध हो।
00 खरीदी केंद्रों पर कैसी हो व्यवस्था :

धान खरीदी के तहत किसानों को किया गया 10 हजार करोड़ का भुगतान

पिछले खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में धान खरीदी छह करोड़ 95 लाख 90 हजार 596 क्विंटल तक पहुंच गया और किसानों को इसके लिए 10 हजार 318 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।