पहली महिला कमांडेंट

छत्तीसगढ़ की इस बेटी से नक्सली भी खौफ खाते हैं, पहली महिला कमांडेंट हैं ये

छत्तीसगढ़ की इस बेटी से नक्सली भी खौफ खाते हैं, पहली महिला कमांडेंट हैं ये

प्रतीक मिश्र,गरियाबंद. कंधों से मिलते हैं कंधे, कदमों से कदम मिलते हैं, हम चलते हैं जब ऐसे, तो दिल दुश्मन के हिलते हैं.

हर कदम पर हर क्षेत्र में आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहीं हैं. देश की ऐसी ही एक बेटी है निहारिका सिन्हा. गरियाबंद के फिंगेश्वर ब्लॉक के मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली निहारिका छत्तीसगढ़ की पहली महिला कमांडेंट हैं. वो आज के तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल हैं.