पहाड़ी मैना की आबादी

लाखों खर्च करने के बाद भी घट गई पहाड़ी मैना की आबादी

प्रदेश के राजकीय पक्षी के रूप में मान्यता प्राप्त बोलने वाली पहाड़ी मैना की आबादी लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी घट गई। स्थानीय वन महाविद्यालय में एक विशलकाय पिंजरा बनाकर साल वृक्ष में लगाया गया था और वर्ष 2002 में इसे पहाड़ी मैना की आबादी बढ़ाने प्रजनन केंद्र का दर्जा दिया गया था। उस समय कुल 6 पहाड़ी मैना को रखा गया था। इनके संवर्धन व विकास के लिए लाखों रुपए खर्च भी अभी तक किये जा चुके हैं, लेकिन वर्ष बीतने के बाद भी छह पहाड़ी मैना में से अभी वर्तमान में केवल एक ही पहाड़ी मैना बची है और अभी भी यह कौन सी पहाड़ी मैना है यह बता पाने में विभाग असमर्थ साबित हो रहा है।