मोहन भागवत

समाज में बदलाव आना स्वाभाविक प्रक्रिया मगर समाज के लिए प्रेम और अपनत्व भी जरुरी : मोहन भागवत

समाज में बदलाव आना स्वाभाविक प्रक्रिया मगर समाज के लिए प्रेम और अपनत्व भी जरुरी : मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे. चिंतन शिविर के दूसरे दिन के समापन अवसर उन्होंने कहा कि भारत के समस्त जनजातीय समाज की दृष्टि विशुद्ध रूप से पर्यावरणीय दृष्टि है जिसमें पर्यावरण व समाज की चिंता शामिल है. उन्होंने ये भी कहा कि समाज में समय-समय पर परिस्थितियों में बदलाव आना स्वाभाविक प्रक्रिया है पर हम सभी को समाज में प्रेम और अपनत्व की भावना से सामाजिक समानता और समरसता की प्रयास करने की जरुरत है.