Ajit jogi

अंतागढ़ मामले में गुस्से में अजीत जोगी, कहा- छत्तीसगढ़ के मोदी मुख्यमंत्री बघेल कर रहे हैं लोकतंत्र की हत्या

Ajit-Jogi-1-942x556.jpg

जिस तरह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के विरुद्ध सीबीआई का दुरुपयोग कर रहे हैं, ठीक वैसे ही “छत्तीसगढ़ का मोदी” मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी प्रदेश के प्रशसानिक और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग अपने प्रतिद्वंदियों की राजनीतिक हत्या करने के लिए करना चाहते हैं. इसमें दोनों सफल नहीं होंगे. यह कहना है राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी का. जोगी का यह बयान उसके बाद आया है जब कांग्रेस प्रवक्ता और अधिवक्ता किरणमयी नायक ने पूर्व सीएम अजीत जोगी, पूर्व विधायक अमित जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, पूर्व विधायक मंतूराम पवार और डॉ.

अजीत जोगी पहुंचे केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ्तर, चुनाव चिन्ह के लिए जमा किया फार्म, इस चुनाव चिन्ह को दी पहली प्राथमिकता…

ajeet-jogi-chunav-chinha-2-1.jpg

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी आज केन्द्रीय आयोग के दफ्तर पहुचें हुए है. जहां जोगी ने अपनी पार्टी के लिए चुनाव चिन्ह के लिए फार्म जमा किया.

मिली जानकारी के अनुसार जोगी ने चुनाव चिन्ह के लिए ‘खेत जोतते किसान’ को पहली प्रथमिकता दी है. उसके बाद दूसरे चिन्ह रखे गये है. जिसमें नारियल भी शामिल है.

बता दे कि जोगी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद अपनी एक अलग पार्टी बनाई है, जिसका नाम जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) है. अपनी इसी पार्टी के लिए जोगी ने आज ​केन्द्रीय चुनाव आयोग में फार्म जमा किया है.

अजीत जोगी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, कहा-सरकार की कुछ नीतियों और निर्णयों का पड़ रहा प्रदेश की जनता पर विपरीत प्रभाव, रखी ये सात मांग…

अजीत जोगी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, कहा-सरकार की कुछ नीतियों और निर्णयों का पड़ रहा प्रदेश की जनता पर विपरीत प्रभाव, रखी ये

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष सात मांगे रखी है. इस पत्र में जोगी ने छत्तीसगढ़ सरकार एवं केंद्र सरकार की कुछ नीतियों एवं निर्णयों का छत्तीसगढ़ की जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ने वाला बताया है. जोगी का कहना है कि इन ​नीतियों एवं निर्णयों के चलते किसान, महिला, युवा, छोटे व्यापारी, पुलिस कर्मी, शिक्षक, मितानिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, कोटवार इत्यादि प्रदेश के हर वर्ग के लोग प्रदर्शन करने विवश हैं.