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हथिनी का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 40 घंटे से ज्यादा वक्त से सूखे कुएं में है गिरी हुई

हथिनी का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 40 घंटे से ज्यादा वक्त से सूखे कुएं में है गिरी हुई

40 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सूखे कुएं में गिरे हुए हथिनी को निकाला नहीं जा सका है. हाथी का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और उसे क्रेन और बेल्ट की मदद से निकालने की कोशिश की जा रही है.

मौके पर वन विभाग की टीम मौजूद है, जो हथिनी के रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है. बता दें कि प्रतापपुर-वाड्रफनगर मार्ग पर घाट पेंडारी के पास नवाधक्की गांव में परसों रात हाथियों के दल से बिछड़कर एक हथिनी सूखे कुएं में गिर गई थी.

70 हाथियों के दल ने रिहायशी इलाकों की ओर किया कूच

70 हाथियों के दल ने रिहायशी इलाकों की ओर किया कूच

जिले में हाथियों का आतंक दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है. कोरबा वन परिक्षेत्र में हाथियों के उत्पात से लोग दहशत में हैं. पिछले कुछ सालों में हाथियों के कारण कई लोगों की जानें गई हैं, वहीं हजारों एकड़ फसल भी बर्बाद हुई है.
रिहायशी इलाके की ओर हाथियों का झुंड रवाना

मंगलवार शाम भुलसीडीह के जंगल में डेरा जमाए हाथियों के एक दल ने रिहायशी इलाके की ओर कूच कर दिया है. ये जानकारी मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आ गया है. वनकर्मियों को रिहायशी इलाके की ओर जाने वाले रास्तों में तैनात किया गया है, ताकि इधर आने से हाथियों को रोका जा सके.

राजधानी के करीब पहुंचा 15-20 हाथियों का दल

राजधानी के करीब पहुंचा 15-20 हाथियों का दल

छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, महासमुंद, रायगढ़, जशपुर, धरमजयगढ़ के ग्रामीण इलाकों में तो हाथियों का उत्पात जारी था ही, अब राजधानी रायपुर के पास तक भी हाथियों का दल आ चुका है.

दरअसल राजधानी से 30 किलोमीटर दूर आरंग तहसील के फरफौद गांव में 15-20 हाथियों के दल की आमद हुई है, जिससे लोग दहशत में हैं. हाथियों का दल फरफौद गांव में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है.

ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दे दी है. फिलहाल गांव के लोग हाथियों को अपने स्तर पर खदेड़ने में जुटे हैं. हालांकि वे डरे भी हुए हैं कि कहीं हाथी लोगों को कोई नुकसान न पहुंचा दें.