Jagdalpur

CG-17, Jagdalpur

तेज रफ्तार ट्रक ने 8 गायों को रौंदा, सात मृत

इंद्रावती पुल के पास मंगलवार की रात करीब साढ़े 10 बजे एक अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक ने आठ गायों को रौंद दिया, इसमें 7 की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बनी हुई है। दो महीने के भीतर शहर में मवेशियों की दुर्घटना में मौत की यह तीसरी बड़ी घटना है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू करने के लिए प्रयास किया। वहीं आसपास के लोगों ने भी मदद करते हुए गायों के शव को एक जगह लाने में मदद की। मौके पर देर रात तक लोगों का जमावड़ा रहा। पास में रहने वाले डोंगाघाट के लोगों ने बताया कि उन्हें रात करीब साढ़े 10 बजे कुछ टकराने की जोरदार आवाज सुनाई दी। वे तुरंत घटनास्थल की त

दशहरा पर्व के बाद देवी-देवताओं की हुई विदाई

दशहरा पर्व के बाद देवी-देवताओं की हुई विदाई

बस्तर संभाग के सभी जिलों से ग्रामीण देवी-देवताओं को लेकर दशहरा पर्व मनाने के बाद आज सभी देवी-देवताओं को विदाई दे दी गई.
गौरतलब है कि दशहरा पर्व के लिए बस्तर के सभी गांवों से 1200 अंगद देव समेत सभी देवी-देवताओं को जगदलपुर निमंत्रित किया जाता है. दशहरा पर्व मनाने के बाद इन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है.
अाज दशहरा पर्व मनाने के बाद बस्तर के महाराजा कमलचंद भंजदेव ने गीदम रोड स्थित भवन में पूजा-अर्चना की गई. माई जी को बकरा और मुर्गा की बलि देकर अलग-अलग गांवों से देवी-देवताओं को विदाई दी गई. विदाई कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण अंचल से अाए लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

महीनें की 23 तारीख से स्वीकार किए जाएंगे वेतन देयक

जिले के कर्मचारियों की ओर से जमा किए जाने वाले अंशदान पर दिए जाने वाले ब्याज के नुकसान से बचने के लिए अब महीनें की अंतिम तिथि तक वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने इसके लिए हर महीनें की 23 तारीख से वेतन देयक स्वीकार करने की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि 23 तारीख से लेकर महीनें की अंतिम तिथि तक अत्यावश्यक प्रकृति के बिजली, पानी, दूरभाष, प्राकृतिक आपदा और मृत्यु अनुग्रह अनुदान के देयक भी स्वीकार किए जाएंगे तथा इसके लिए बीटीआर पर अत्यावश्यक की मुहर अंकित करना आवश्यक है।

प्रेशर बम की चपेट में आने से जवान घायल

बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में सोमवार को नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान प्रेशर बम की चपेट में आने से एक जवान घायल हो गया। घायल जवान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दंतेवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल ने कहा कि सोमवार को कटेकल्याण थाना क्षेत्र से केन्द्रीय सुरक्षा बल और जिला पुलिस बल की एक टीम गश्त पर निकली थी, शाम को चिकपाल मुनगा की पहाड़ी में नक्सली और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान प्रेशर बम की चपेट में आने से 195 बटालियन के केन्द्रीय सुरक्षा बल का जवान हेमंत घायल हो गया। घायल जवान का प्रारभिंक उपचार कटेकल्याण प्रथमिक स्वास्थ्य के

नक्सलियों और ठिकानों पर नजर रखेगा ड्रोन

 नक्सलियों और ठिकानों पर नजर रखेगा ड्रोन

बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों में नक्सलियों और उनके ठिकानों पर नजर रखने के लिए पुलिस का यूएवी (अनमैन्ड एरियल वीकल) ड्रोन अब जगदलपुर से उड़ान भरने लगा है। इसके लिए वहां एयरपोर्ट पर नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) की निगरानी में बेस स्टेशन बनाया गया है। अब तक ड्रोन नंदनी (भिलाई) से उड़ानभर रहा था, जो बस्तर संभाग मुख्यालय से करीब 300 किमी से ज्यादा दूर है। पुलिस अफसरों के अनुसार बस्तर में यूएवी का बेस बनने नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में फोर्स को मदद मिलेगी।

ऑडियो क्लिप पर आक्रोशित पत्रकारों ने कमिश्नर ऑफिस के सामने दिया धरना

ऑडियो क्लिप पर आक्रोशित पत्रकारों ने कमिश्नर ऑफिस के सामने दिया धरना

बीजापुर प्रेस क्लब ने एक ऑडियो जारी किया था, जिसमें नक्सलवाद कवर करने जा रहे पत्रकारों को सीधे गोली मारने का आदेश दिया गया था. इस ऑडियो के वायरल होने के साथ ही पत्रकार आक्रोशित हो गए. इसके खिलाफ आज बस्तर प्रेस क्लब ने कमिश्नर ऑफिस के सामने धरना दिया.

पत्रकारों ने सख्त कार्रवाई की मांग की

एक लाख रुपए के इनामी समेत 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर

एक लाख रुपए के इनामी समेत 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर

सीआरपीएफ 80वीं बटालियन कैंप में आज 2 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए आत्मसमर्पण कर दिया.

दोनों नक्सली करकाबेड़ा और एलजीएस कमेटी के सदस्य हैं. दोनों नक्सलियों के नाम रामू उसेंडी और बुधराम हैं. इन्होंने सीआरपीएफ कमांडेंट अमिताभ कुमार, एसपी आरिफ शेख के सामने सरेंडर किया.

सरेंडर किए दोनों नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 10-10 हजार रुपए और घरेलू सामान दिया गया.

गौरतलब है कि एक नक्सली रामू उसेंडी पर 1 लाख रुपए का इनाम था. दोनों नक्सली कई वारदातों में शामिल थे.

शारदीय नवरात्र की अष्टमी को दंतेवाड़ा से मां की डोली जगदलपुर के लिए होगी रवाना

शारदीय नवरात्र की अष्टमी को दंतेवाड़ा से मां की डोली जगदलपुर के लिए होगी रवाना

75 दिनों तक मनाया जाने वाला ऐतिहासिक बस्तर दशहरा दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इस दौरान सभी रस्म-रिवाज भी बेहद महत्वपूर्ण हैं. इसके रस्म-रिवाज बस्तर दशहरे को एक अलग ही पहचान देती है. मां दंतेश्वरी की छत्र और डोली नवमी तिथि को दंतेवाड़ा से जगदलपुर पहुंचती है. इसका भव्य स्वागत किया जाता है. इस रस्म को मावली परघाव के नाम से जानते हैं.

मावली परघाव

रियासतकाल में हाथी-घोड़े के साथ दंतेवाड़ा से पैदल रवाना होती थी मांईजी की डोली

विश्व प्रसिद्ध ऐहतिहासिक बस्तर दशहरा में छह दशक पहले शामिल होने दंतेवाड़ा से मावली माता की डोली को जगदलपुर पहुंचने में करीब चार दिन का समय लगता था। मांईजी की पालकी के साथ हाथी-घोड़ा पुजारी, सेवादार, समरथ, मांझी, चालकी समेत 12 परघना के लोग पैदल दंतेवाड़ा से जगदलपुर रवाना होते थे। दंतेवाड़ा मंदिर के मुख्य पुजारी हरेंद्र नाथ जिया ने बुधवार को कहा कि, अब मोटर गाड़ी के जमाने में मांईजी की पालकी एक दिन में ही जगदलपुर पहुंच जाती है।
00 गांव-गांव में होता था पूजन :

नगरनार के विनिवेशीकरण के विरोध में मजदूरों ने किया अधिकारियों का घेराव

मजदूरों ने किया अधिकारियों का घेराव

जगदलपुर स्थित नगरनार स्टील प्लांट को बेचने के विरोध में बुधवार सुबह मजदूर संगठनों ने काम शुरु करने के पूर्व अधिकारियों को घेरा। संयुक्त इस्पात मजदूर संगठन और स्टील श्रमिक यूनियन नगरनार ने एनएमडीसी के नए नियुक्त सीएमडी के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से स्टील प्लांट नगरनार को सार्वजनिक उपक्रम में ही बने रहने की सिफारिश नीति आयोग से करने का निवेदन किया गया है।
00 आंदोलन का कोई असर नहीं हो रहा केंद्र सरकार पर : जॉन