Kenduguda Village

समाज का खौफ ऐसा कि मां तक ने नहीं की बेटी की मदद, और फिर जो जंगल में हुआ वो बेहद शर्मनाक था

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यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं है, बल्कि सच्ची घटना है। समाजिक बहिष्कार की ऐसी सच्ची घटना जो दिल दहलाने वाली है। गांव के किनारे घने जंगल में चार घंटे तक गर्भवती महिला दर्द के मारे कहराती रही। उसे देखने के लिए गांव के लोग इक्ठठा हो गए। उन गांवो वालो के साथ उसकी मां भी शामिल थी। दर्द के मारे महिला पानी-पानी के लिए चिल्लाती रही लेकिन एक मां की ऐसी समाजिक मजबूरी की वो पानी नहीं पिला सकी। लेकिन गर्भवती महिला ने हिम्मत नहीं हारी और देखते ही देखते दो स्वस्थ्य बच्चों को जन्म दे दिया। हालांकि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एम्बूलेंस चार घंटे बाद गांव पहुंची उसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा