Malkangiri

समाज का खौफ ऐसा कि मां तक ने नहीं की बेटी की मदद, और फिर जो जंगल में हुआ वो बेहद शर्मनाक था

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यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं है, बल्कि सच्ची घटना है। समाजिक बहिष्कार की ऐसी सच्ची घटना जो दिल दहलाने वाली है। गांव के किनारे घने जंगल में चार घंटे तक गर्भवती महिला दर्द के मारे कहराती रही। उसे देखने के लिए गांव के लोग इक्ठठा हो गए। उन गांवो वालो के साथ उसकी मां भी शामिल थी। दर्द के मारे महिला पानी-पानी के लिए चिल्लाती रही लेकिन एक मां की ऐसी समाजिक मजबूरी की वो पानी नहीं पिला सकी। लेकिन गर्भवती महिला ने हिम्मत नहीं हारी और देखते ही देखते दो स्वस्थ्य बच्चों को जन्म दे दिया। हालांकि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एम्बूलेंस चार घंटे बाद गांव पहुंची उसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा

In Orissa, BSF don new mantle

BSF

Their mandate while taking on the challenge of Maoist violence is different, Personnel of F Coy 107 battalions of the Border Security Forces, deployed in the sensitive areas of Chitrakonda are tasked with instilling a sense of security in the local tribal population, bringing about peace and order and helping to initiate development programmes.

Pitted against the armed cadre of Maoists, which includes “our own people,” the Border Security Forces (BSF) is shifting their focus to understanding the problems of the local population and the culture and traditions of tribal’s.