अधिकारी के अपहरण के आरोपियों को सजा

दस वर्ष पहले 2008 में एक आईएएस अधिकारी का अपहरण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में तोरवा पुलिस को सफलता मिली है। तोरवा पुलिस के मुताबिक 2008 में आईएएस अफसर शशांक शेखर, गीतांजलि एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। इसी दौरान बिलासपुर लिंगियाडीह निवासी संजय दुबे अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ रायपुर से इस ट्रेन में सवार हुआ और बिलासपुर के थोड़ा आगे लालखदान आउटर में चैन पुलिंग कर शशांक शेखर को जबरिया अपने साथ शहर की ओर ले जाने लगा। गुरुनानक चौक पर रात्रि ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों को देखकर अधिकारी शशांक शेखर ने शोर मचाया! जिससे पुलिस ने आटो रुकवाकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद संजय दुबे इस मामले में फरार चल रहा था। तोरवा पुलिस को सूचना मिली कि संजय दुबे पिछले कुछ दिनों से अपनी बहन के घर तखतपुर क्षेत्र के कोड़ीपुरा में छिपा हुआ है। पुलिस ने उसे गांव से गिरफ्तार कर लिया है। इस अपहरण के मामले मे संजय के दो अन्य साथियों को सजा हो चुकी है।

Source: 
visionnewsservice.in

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