अधिकारों व कर्तव्यों के उचित समन्वय में ध्यान दें : न्यायाधीश

Crime Control

भारत का संविधान दुनिया में श्रेष्ठ : अग्रवाल
न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी अपने अधिकारों एवं कत्र्तव्यों में उचित समन्वय करने ध्यान रखें। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण बाजपेयी छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय में आयोजित न्यायिक कर्मचारियों-अधिकारियों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
न्यायाधीश श्री बाजपेयी ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रीय सम्मेलन का जो दायित्व मिला है। उसे बखूबी निभाएं और इस गौरव को बरकरार रखें। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन को न्यायालय एवं राज्य शासन का सकारात्मक सहयोग मिलेगा। श्री बाजपेयी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रकरणों के निराकरण में एकरूपता है, तो न्यायिक कर्मचारियों के सेवा शर्तों, वेतनमान एवं पदनाम में भी एकरूपता आनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने सत्त प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोई भी न्यायाधीश कर्मचारियों के सक्रिय सहयोग के बिना न्यायदान नहीं दे सकता। कर्मचारियों के सक्रिय सहयोग से ही न्यायदान को शिखर पर ले जा सकेंगे। श्री बाजपेयी ने कहा कि ऐसा कार्य करें कि राष्ट्रीय स्तर पर बिलासपुर का नाम हो।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्यिककर मंत्री अमर अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत देश में विविधता होने के बाद भी अच्छे तरीके से देश का लोकतंत्र चल रहा है। यह दुनिया के सामने हैं। इसका कारण देश का संविधान है। भारत की संविधान को दुनिया प्रशंसा करती है। संविधान की भावनाओं को पूरा करने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीन व्यवस्थाएं संचालित हैं। यहां लोकतंत्र की जड़े मजबूत है। इसमें न्यायपालिका की अह्म भूमिका है। उन्होंने कहा कि न्यायधीशों के कार्यों में न्यायिक कर्मचारियों का भी बड़ा योगदान होता है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों में विभिन्न राज्यों के न्यायालयों की कार्यपद्धति कर्मचारियों के कार्यक्षमता समस्याओं के संबंध में तुलनात्मक चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भी ऐसे विचार विमर्श होंगे। इसका लाभ देश एवं राज्य को होगा। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद बिलासपुर में स्थापित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रारंभिक कठिनाईयों से लेकर वर्तमान आधारभूत संरचना के संबंध में ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से बिलासपुर में एक बेहतर हाईकोर्ट भवन एवं न्यायिक कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनी। यहां के हाईकोर्ट भवन देश के गिनेचुने हाईकोर्ट भवनों में से एक है। सम्मेलन को न्यायिक कर्मचारियों के संरक्षक सी.पी. भारती एवं छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भवरलाल बजाज ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में सचिव प्रमोद पाठक ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में न्यायिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। साथ ही अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। आभार व्यक्त शैलेन्द्र सोनी ने की। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आये एवं छत्तीसगढ़ के न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

Related News