अम्बेडकर अस्पताल में सुपेबेड़ा के किडनी पीडि़तों के लिए बनेगा विशेष वार्ड

 अम्बेडकर अस्पताल में सुपेबेड़ा के किडनी पीडि़तों के लिए बनेगा विशेष वार्ड

राज्य शासन की ओर से राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल (अम्बेडकर अस्पताल) में देवभोग विकासखण्ड के ग्राम सुपेबेड़ा के किडनी के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए पांच बिस्तरों के विशेष वार्ड की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा विकासखण्ड मुख्यालय देवभोग के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डायलिसिस मशीन भी लगाई जाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को अपने क्षेत्र में ही उसका समुचित लाभ मिल सके। अम्बेडकर अस्पताल में इलाज के बाद सुपेबेड़ा के मरीजों को देवभोग में ही डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक तैयारी जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि वे मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्परता से अमल करें।
00 जल्दी ही लगाई जाएंगी डायलसिस मशीने :
इस बीच राजधानी अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के किडनी रोग विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत गुप्ता ने डॉक्टरों की टीम के साथ ग्राम सुपेबेड़ा का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को देवभोग के सरकारी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र) में जल्द से जल्द डायलिसिस मशीन लगवाने की जानकारी दी। यह भी कहा कि रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में राज्य शासन की ओर से सुपेबेड़ा के किडनी पीडि़त मरीजों के लिए पांच बिस्तरों का वार्ड जल्द बनवाया जा रहा है। डॉ. गुप्ता ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे जरूरतमंद मरीजों को अम्बेडकर अस्पताल रायपुर भेजने के लिए सहयोग करें। सरकार भी उन्हें इसके लिए वाहन सुविधा भी देगी। डॉ. पुनीत गुप्ता ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि ऐसे मरीज और उनकी देखभाल के लिए एक व्यक्ति को अम्बेडकर अस्पताल आने पर नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी। यहां इलाज के बाद उनका समय-समय पर देवभोग के सामुदायिक अस्पताल में डायलिसिस भी किया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज (अम्बेडकर अस्पताल) रायपुर के डॉक्टर भी हर महीने एक दिन देवभोग के अस्पताल में कैंप लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज करेंगे। पीडि़त मरीजों के इलाज के लिए संजीवनी कोष से भी सहायता दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए जल्द आवेदन फार्म भरने का आग्रह किया।
00 क्या-क्या करें परहेज :
डॉ. पुनीत गुप्ता ने ग्रामीणों से कहा कि किडनी के मरीजों को मांसाहार और नशे का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही खट्टी और तली हुई चीज नहीं खाना चाहिए। साग-सब्जियों का इस्तेमाल अच्छी तरह धोकर किया जाना चाहिए और पानी उबालकर पीना चाहिए। इस मौके पर डॉ. पुनीत गुप्ता के साथ गैर संचारी रोग विभाग के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र साहू और गरियाबंद जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके रात्रे सहित डॉ. मनीष प्रसाद, डॉ. शैलेन्द्र अग्रवाल, डॉ. मनीषा और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवभोग के डॉक्टर भी उपस्थित थे।

Source: 
Vision News Service

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