अवासीय विद्यालय में 30 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश

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भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के सहयोग से पिथौरा के लहरौद में आदिम जाति कल्याण विभाग छात्रावास में अस्थायी व्यवस्था के तहत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय इस वर्ष शुरू किया गया है। विद्यालय के भवन निर्माण के लिए 16 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति भी मिल गई हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति, जनजाति और नि:शक्त बालक और बालिकाओं को कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक हिन्दी माध्यम से यहां नि:शुल्क अध्ययन की सुविधा दी जाती है। इस विद्यालय में चयन परीक्षा के माध्यम से मेरिट सूची के आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। जिले के विद्यालय में 30-30 बालक और बालिकाओं ने प्रवेश ले लिया है और उनकी पढ़ाई शुरू हो गई है। कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने गत दिवस स्कूल का अवलोकन किया।
कलेक्टर ने इस विद्यालय में नवांगतुक बच्चों से उनका हाल चाल जाना और असुविधा के बारे में जानकारी ली। एक बालिका की आंखे छोटी दिखाई देने पर कलेक्टर ने उससे पूछा की दिखाई देने में कोई समस्या तो नहीं है। बच्ची की ओर से समस्या बताए जाने पर कलेक्टर ने दो दिन के भीतर स्कूल में चिरायु स्वास्थ्य जांच दल को सभी बच्चों की जांच के लिए शिविर लगाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पुष्पेन्द्र मीणा, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त बलभद्रराम भी उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

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