अवैध कब्जा करने वाले गिरोह पर प्रशासन हुआ सख्त

शहर में कुछ ऐसे गिरोह सक्रिय हैं, जो खाली जमीन पर पहले अवैध कब्जा करते हैं । उस पर मकान या दुकान बनाकर भाड़े पर देते हैं। इस तरह के गिरोहों ने शहर के आउटर नेवई, रिसाली, कुरुद, चरोदा जैसे ऐसे इलाकों में अपना कार्यक्षेत्र बनाया है। जो लोग झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं या दुकान बनाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं, उन्हें धमकाते हैं और उनसे भी भाड़ा मांगते हैं।एडीएम संजय अग्रवाल ने कहा कि अभी मैं अवकाश पर हूं फिलहाल मुझे ऐसी किसी शिकायत की जानकारी नहीं है। यदि शिकायत जायज है तो मैं उसे अवकाश से लौटने के बाद दिखवाता हूं, कार्रवाई की जाएगी।
00 बाहर से आए लडके करते हैं वसूली :
नेवई भांठा में अकलोरडीह रोड पर दुकान लगा रहे दो लोगों संतोष मरकाम और तोषी ठाकुर ने कहा कि उनसे बाहर से आए हुए लड़के हर माह दो सौ रुपए भाड़ा लेते हैं। भाड़ा नहीं देने पर दुकान तोड़ देने की धमकी देते हैं। कार्रवाई करने का अधिकार केवल प्रशासन को है, ये लोग तो कहां के रहने वाले हैं यह भी पता नहीं है। शुक्रवार को प्रशासन से शिकायत की गई है।
कुरुद में रोड पर चाय दुकान चलाने वाले कैलाश सारथी ने कहा कि उसने रोड के किनारे करीब दस साल पहले झोपड़ी बनाकर दुकान खोली थी। अभी पिछले छह माह से कुछ लड़के आकर परेशान कर रहे हैं। उन्हें हर माह तीन सौ रुपए भाड़ा देना पड़ता है। वे धमकी देते हैं कि यदि भाड़ा नहीं दिया तो अधिकारियों से कहकर झोपड़ी तुड़वा देंगे। इसी रोड पर झोपड़ी बनाकर पिछले तीन साल से रह रही बुजुर्ग महिला शुकवारो बाई की भी यही शिकायत है।
रिसाली की रासो बाई, कांसो बाई, मुकेश यादव और प्रमोद साहू ने कहा कि वे रिसाली में धनोरा रोड पर झोपड़ी बनाकर पिछले दस साल से रह रहे हैं। अब उन्हें असामाजिक तत्व आकर परेशान कर रहे हैं। भाड़ा मांगते हैं। कांसो बाई ने कहा कि उसे दो माह से दो सौ रुपए के हिसाब से भाड़ा देना पड़ रहा है। न देने पर खाली कराने की धमकी देते हैं। भाड़ा लेने के लिए बाहर से आठ दस युवक एक साथ आते हैं। उनमें से एक का नाम जोहन और दूसरे का नाम मंथीर है।

Source: 
Vision News Service

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