अस्पताल और आंगनबाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करें : कलेक्टर

कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से कहा कि वे मैदानी क्षेत्रों के भ्रमण के अवसर पर अपने क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करें। निरीक्षण उपरंात प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराएं। डॉ. मित्तर मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में उन्हें निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों में कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाईयों की उपलब्धता, बिजली, पानी तथा साफ-सफाई होनी चाहिए। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडीटूईट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से निराकरण किए जा रहे प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि, वे पेंशन के प्रकरणों को लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से निराकरण कराएं। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि, वे हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कैम्प लगाकर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र बनाकर उन्हें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री निवास, मुख्यमंत्री जनदर्शन, राज्य सचिवालय, पीजीएन तथा कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की विभागवार समीक्षा की और शेष प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेन्द्र कुमार कटारा, अपर कलेक्टर ए.के. धृतलहरे, एस.डी.एम. बालोद हरेश मंडावी, एस.डी.एम. गुण्डरदेही पी.एल. यादव, डिप्टी कलेक्टर जी.एस. नाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आदि उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

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