अस्पताल की अव्यवस्था से नाराज कांग्रेसी पार्षदों ने दिया धरना

अस्पताल की अव्यवस्था से नाराज कांग्रेसी पार्षदों ने दिया धरना

अस्पताल की अव्यवस्था से नाराज नगर पालिका के निर्वाचित कांग्रेसी पार्षदों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। पार्षद व पालिका के सभापति मनराखन देवांगन की अगुवाई में जुटे पार्षदों व महिला कांग्रेसी सहित कुछ कांग्रेसियों ने लगभग डेढ़ घंटे अस्पताल परिसर में जमीन में बैठकर अस्पताल में व्याप्त समस्याओं व अव्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
श्री देवांगन ने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही है कि चिकित्सक समय पर ओपीडी में नहीं बैठते। ओपीडी में बैठने का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तय किया गया है, लेकिन इस समय चिकित्सक गायब रहते हैं। वहीं अस्पताल में ही नि:शुल्क मिलने वाली सरकारी दवाइयां भी मरीजों को नहीं दी जा रही है। यहां सफाई व्यवस्था बदतर हो चुकी है। वहीं पीने के पानी तक की व्यवस्था अस्पताल में नहीं है।
कांग्रेसियों के धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार नेहा भेडिय़ा अस्पताल पहुंची और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों से चर्चा की। शिकायत सुनकर उन्होंने स्वयं व्यवस्था का जायजा लिया, कई खामियां भी मिली, चिकित्सकों से मिलकर उन्हें निर्देशित भी किया फिर चिकित्सकों के साथ तहसीलदार धरना स्थल पहुंची और प्रदर्शनरत कांग्रेसियों को समझाईश दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था बनाने वे रिपोर्ट बनाकर ऊपर भेजेंगी वहीं सभी के प्रयास से अस्पताल की व्यवस्था दुरूस्त करने प्रयत्न किया जायेगा।
00 अस्पताल की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है, जनहित में कांग्रेसी पार्षदों ने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर अपने अधिकारों की बात की है। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
- मनराखन देवांगन, पार्षद व सभापति
00 अस्पताल पहुंचकर मंैने व्यवस्थाओं का जायजा लिया है, सुधार की आवश्यकता है, चिकित्सकों को उचित मार्गदर्शन दिया गया है। भविष्य में व्यवस्था सुधारने समावेशित प्रयास होगा।
- नेहा भेडिय़ा, तहसीलदार खैरागढ़
00 अस्पताल में मुख्य चिकित्सकों के ही लगभग 11 पद रिक्त हैं। शासन स्तर से हर बार मांग की जाती है, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई। वर्तमान में चार चिकित्सक ही हैं, एक ट्रेनिंग में गये हैं, एक को मीटिंग में जाना है, ऐसी ही दिक्कतों के कारण चिकित्सक अपनी मूल सेवा नहीं दे पा रहे हैं।
- डॉ. पीएस परिहार, बीएमओ खैरागढ़

Source: 
visionnewsservice.in

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