एक प्रतिशत ज्वेलर्स को होगा फायदा : कन्हैया

देश भर में व्यापारियों के मध्य फैलते आक्रोश के बाद जीएसटी काउंसिल की ओर से लिए गए फैसले से छत्तीसगढ़ के एक प्रतिशत सराफा व्यापारियों को छोड़ कोई लाभन्वित नहीं हुआ है। सरकार के समक्ष अपने-अपने नंबर बढ़ाने मुख्यमंत्री निवास पहुंच गए।
चेम्बर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक कन्हैया अग्रवाल, ज्ञानचन्द जैन, मिनेष खण्डेलवाल, विमल अग्रवाल, अमर बजाज और अनिल गर्ग ने बयान जारी करते हुए कहा कि लाखों रुपए के विज्ञापन, विज्ञप्ति देने के बाद भी सरकार की अनुकंपा पाने की चाहत में व्यापारी नेता मुख्यमंत्री निवास पहुंच गए । जय-जयकार करने के चक्कर में कह दिया कि जीएसटी की 85 प्रतिशत समस्या सुलझ गई है । इस चक्कर में चेम्बर के संरक्षक विधायक श्रीचंद सुन्दरानी को भी साथ लेकर नहीं गए।
उन्होंने कहा कि ज्वेलरी खरीदी में दो लाख की छूट का लाभ व्यापारी को और उपभोक्ता को मिलेगा। रिटर्न भरने के लिए डेढ़ करोड़ तक के व्यापारी को मिली त्रैमासिक छूट का व्यापारी वर्ग में दुष्प्रभाव पड़ेगा। क्रेता और विक्रेता के एकाउंट मिस मैच होने के कारण क्रेता को टैक्स का इनपुट नहीं मिलेगा जिससे व्यापारी को बड़ा नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि रिवर्स टैक्स और ई-वे बिल पूरी तरह समाप्त किए जाने पर ही व्यापारी के लिए मददगार होगा अन्यथा अस्थायी रूप से रिवर्स टैक्स पर छूट से छोटे-छोटे व्यापारियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। त्रैमासिक रिटर्न जिसे लेकर सर्वाधिक प्रचार किया जा रहा है उसकी जटिलता और बढ़ गई है, जिससे व्यापारी के समक्ष उहापोह की स्थिति है।
चेम्बर बचाओ संघर्ष समिति ने कहा कि व्यापारी संगठन को व्यापारिक और उपभोक्ता हितों के रक्षार्थ काम करना चाहिए। जहां जरूरत है वहां सरकार का आभार और धन्यवाद भी देना चाहिए परन्तु व्यापारी हितों पर कुठाराघात करते हुए सरकारी संगठन की तरह कार्य नहीं करना चाहिए।

Source: 
Vision News Service

Related News