कचरे से एक करोड़ कमा चुका है छत्तीसगढ़ का ये शहर, टॉयलेट की लोकेशन भी ऑनलाइन, केंद्रीय मंत्रालय के सर्वे में फिर बना नंबर-1

कचरे से एक करोड़ कमा चुका है छत्तीसगढ़ का ये शहर, टॉयलेट की लोकेशन भी ऑनलाइन, केंद्रीय मंत्रालय के सर्वे में फिर बना नंबर-1

नगर पालिक निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंबिकापुर ने पहला स्थान प्राप्त किया है. केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों की सूची जारी कर दिया है. जिसमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंबिकापुर को प्रथम स्थान हासिल किया है.

निगम आयुक्त सूर्यकिरण तिवारी ने बताया कि शहर की सफाई के क्षेत्र में पहले भी प्रथम स्थान मिल चुका है. लेकिन इस बार डिजिटल इंडिया के तहत हमने सभी शौचालय और रिक्शा जैसे में फीड बैक मशीन लगाई गई थी. जिसको लेकर सेंट्रल की टीम ने जांच किया और बेहतर पाया था. इसके साथ ही इसमें कलेक्टर और यहां के नागरिकों का बहुत सहयोग मिला है. जिस वजह से नगर निगम अव्वल रहा है. साथ ही देश भर में 4 हजार से अधिक शहरों में अंबिकापुर ने अपना दबदबा कायम रखा है.

वहीं अजय तिर्की महापौर ने बताया कि भारत में अंबिकापुर को आईटी सेक्टर के क्षेत्र में पहला स्थान प्राप्त हुआ है. साथ ही जिस तरीके से महिलाएं डोर टू डोर कटरा एकत्रित करती है वो बहुत ही सराहनीय काम है. जिस कारण से आज भारत में जगह बनाने का मौका मिला है.

यहां के स्थानिय लोगों का कहना है कि हमारा शहर क्लीन रहता है इसमें दुकानदार भी सहयाग करते है. इसके साथ ही लोगों को जानकारी देते है कि शहर में कचरा नहीं फैलाना है. लोगों ने भी शहर को स्वच्छ बनाने में मदद करते है.

घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे निगम के लिए आय का जरिया बन गए हैं और दो साल में अंबिकापुर को इस अभियान में एक करोड़ रुपए से अधिक की आमदनी हुई है. सूखे कचरे को अलग कर कबाड़ में बेचा जाता है, जबकि गीले कचरे से खाद बनाई जा रही है. पूरे अभियान की जीपीएस सिस्टम से ऑनलाइन निगरानी की जा रही है. खास बात यह है कि पूरा अभियान चार सौ से अधिक महिलाओं के दम पर संचालित हो रहा है. पिछले साल देश में नंबर वन आने के बाद अंबिकापुर में देश के कई बड़े शहरों की यह कार्यशाला हुई थी. अभियान में एक और खास बात यह है शहर पूरे प्रदेश में सबसे पहले ओडीएफ हो गया था. शहर में 2 दर्जन से अधिक सार्वजनिक टॉयलेट की लोकेशन ऑनलाइन किए गए हैं. बुर्जुगों के साथ महिलाएं और बच्चों के लिए इसमें अलग-अलग व्यवस्था की गई है.

अंबिकापुर की तर्ज पर देश के कई शहरों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुरू हो गया था. इसके बाद भी आगे बढ़कर कचरे का निपटारा और इससे आय का जरिया तैयार किया गया. यहां कि महिलाओं ने आगे बढ़कर डोर टू डोर कटरा एकत्रित करती है. घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे निगम के लिए आय का जरिया बन गया हैं. साथ ही शहर के सभी 48 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर उसका निपटारा किया जाता है.

Source: 
lalluram.com

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