कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू हुए शामिल, 19 स्टूडेंट्स को मिला गोल्ड मेडल

कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू हुए शामिल, 19 स्टूडेंट्स को मिला गोल्ड मेडल

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. साइंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शामिल हुए. उनके साथ कुलपति मानसिंह परमार, मुख्यमंत्री रमन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे.

दीक्षांत समारोह सुबह 10 बजे से शुरू हुआ. दीक्षांत समारोह में 2014-16 और 2015-17 के 23 स्टूडेंट्स को एम. फिल, 122 को स्नातकोत्तर और 104 को स्नातक की डिग्री दी गई. ये सभी डिग्री पाने वाले छात्र-छत्राएं पत्रकारिता के हैं. यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया है.

19 स्टूडेंट्स को मिला गोल्ड मेडल

तीसरे दीक्षांत समारोह में 19 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिया गया. पहली बार दीक्षांत में गाउन की जगह छात्र को कुर्ता-पायजामा और गर्ल्स को कोसा साड़ी के साथ पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए. यूनिवर्सिटी का नाम लिखा साफा और गुलाबी कलर की पगड़ी पहनकर पत्रकारिता के स्टूडेंट्स ने डिग्री ली.

वेंकैया नायडू ने समारोह को किया संबोधित

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने समारोह को संबोधित करते हुए वर्तमान में मीडिया की भूमिका पर बोले. इस दौरान उन्होंने न्यूज और व्यूज के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि गुणवत्ता दूर रखकर ब्रेकिंग न्यूज बनाना चिंता का विषय है. आगे बढ़ने की होड़ में मीडिया को अपने उत्तरदायित्व को नहीं भूलना चाहिए.

उन्होंने मीडिया के बदलते स्वरूप पर भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज मीडिया मिशन से उद्योग तक पहुंच गया है. उपराष्ट्रपति ने हिन्दी भाषा पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी के बगैर हिंदुस्तान में आगे बढ़ना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए. मातृभाषा अपनी भावना को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है.

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू की सुरक्षा-व्यवस्था के लिए राजधानी में कड़े इंतजाम किए गए. उपराष्ट्रपति के आने वाले रूट पर 1200 जवानों की तैनाती की गई थी. आगमन को लेकर एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. एयरपोर्ट से लेकर यूनिवर्सिटी तक चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे. कार्यक्रम समाप्ति के बाद उपराष्ट्रपति करीब 12.30 बजे वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए.

दीक्षांत से पहले की गई प्रैक्टिस

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह होने के एक दिन पहले मंगलवार को स्टूडेंट्स को प्रैक्टिस कराई गई. प्रैक्टिस पूरी तरह से दीक्षांत समारोह की तरह ही किया गया था. प्रैक्टिस के दौरान भी स्टूडेंट्स पगड़ी पहन कर स्टेज पर पहुंचकर डिग्री ली थी.

Source: 
lalluram.com

Related News