कृषि विभाग ने दी किसानों को सलाह

जिले में अल्प वर्षा की स्थिति में मानूसन की अनिश्चितता की स्थिति को देखते हुए खरीफ फसलों के लिए किसान भाइयों को कृषि विभाग की ओर से उपाय और समझाईश दी गई है, ताकि खरीफ मौसम में बोई गई धान फसल और अन्य दलहनी, तिलहनी फसले को अवर्षा/अल्पवर्षा की स्थिति से निपटा जा सके।
धान की फसल में बियासी नहीं होने की स्थिति में सूखी निंदाई करें और 2 प्रतिशत यूरिया घोल का छिड़काव करें। धान की रोपणी 35 दिन से अधिक होने पर और रोपाई में देरी होने पर 4-5 पौधे रोपाई करें। पौधे से पौधे की दूरी 20 *10 से.मी. रखें और यूरिया व पोटाश का टॉप डेसिंग में 10 से 15 प्रतिशत मात्रा अधिक दें। खेत से खरपतवार निकाले और आवश्यक होने पर नींदानाशक दवा का प्रयोग करें और पौध संरक्षण उपाय अपनायें। सिंचित क्षेत्र में उपलब्ध पानी से सिंचाई करते समय खेतों में कम पानी भरें। जीवित नालों में सीमेंट बोरी में बालू भरकर कच्चे बांध बनाकर जहां तक संभव हो सिंचाई की जायें। नलकूपों से सिंचाई के लिए किसान भाई रख रखाव और आवश्यक मरम्मत करायें ताकि, आवश्यकता होने पर अधिक से अधिक सिंचाई करें।
कतारों में बोई गई धान, सोयाबीन, उड़द फसलों के कतारों के बीच में गुड़ाई यंत्र से गुड़ाई करें। 20 अगस्त तक वर्षा नहीं होने की स्थिति में किसान भाई नमी की उपलब्धता में कम अवधि वाली फसल जैसे उड़छ, मूंग, तिल, सूरजमुखी, तोरिया की बोनी करें। किसान किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए किसान मितान केंद्र से संपर्क कर टोल फ्री नं. 07755264700 में संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Source: 
visionnewsservice.in

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