कोरवा जनजाति की छात्रा को वॉर्डन ने हॉस्टल से किया बाहर, पढ़ने के बजाय बच्ची अब बकरी चराने को मजबूर

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विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय की बेटी शिक्षा को तरस रही है या यूं कहें तो शिक्षा से वंचित हो गई है. सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगाते नहीं थक रही है, खासकर विशेष पिछड़ी जनजाति वनवासी समुदाय को शिक्षित करने भारी संजीदा होने का दावा करती है और दूसरी ओर उनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है.

दरअसल पूरा मामला धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम जमरगा की है. जहां कस्तूरबा गांधी छात्रावास में कक्षा 9 वीं की छात्रा बुतकुंवर पहाड़ी कोरवा जो करीब एक माह से जमरगा कस्तूरबा छात्रावास में रहकर अध्यन कर रही थी. उसे अधीक्षिका द्वारा छात्रावास से बाहर कर दिया गया. बुतकुंवर का स्वास्थ सही नहीं होने से वो दो दिन के लिए अपने घर गई थी. उसके बाद वापस जब छात्रावास आई तो उसे अधीक्षिका बाहर का रास्ता दिखा दी. बुतकुंवर और उसके परिजन अधीक्षिका महिमा लकड़ा पर छात्रावास से बाहर निकालने का सीधा आरोप लगा रहे हैं.

परिजन
शनिवार की शाम 7 बजे अधीक्षिका महिमा कुजूर छात्रा बुतकुंवर को छात्रावास से बाहर निकाल दी. करीब 7 बजे अकेली मासूम छात्रा जंगल नाला पारकर 12 बजे रात को अपने गृह ग्राम गुढ़ाआमा रोती हुई पहुंची. जिसे देख परिजन घबड़ा गए और इसका शबब जानना चाहे तो बुतकुंवर अपनी आप बिती बताई. जिसे सुनकर परिजन हैरत में पड़ गए. सुबह छात्रा को लेकर परिजन अधीक्षिका से मिलने पहुंचे, लेकिन अधीक्षिका महिमा कुजूर का जवाब सुनकर हतप्रभ रह गए. अधीक्षिका ने कहा छात्रावास में बुतकुंवर रहना ही नहीं चाहती है, कई बार मेरे द्वारा समझाया गया पर समझने को तैयार नहीं है वो घर ही जाना चाहती है और छत्रावास से वो कब भग कर गई हमें पता भी नहीं है.

आखिरकार छात्रा और उसके परिजन अपनी समस्या लेकर बीओ कार्यालय और कलेक्टर महोदया से मिलने रायगढ़ पहुंच गए, लेकिन वहां भी तक़दीर ने उनका साथ नहीं दिया. कलेक्टर रायगढ़ में नहीं थी जिससे बैरंग वापस घर लौटना पड़ा. परेशान होकर छात्रा बुतकुंवर पढ़ाई करने के वजाय घर के काम काज के साथ घर की बकरियां चरा रही है.

बता दें बुतकुंवर पढ़ने में काफी तेज होनहार बालिका है आठवी कक्षा में 59% लाकर गुड सेकेण्ड डिवीजन से पास होकर कक्षा 9 वीं में पढ़ने कस्तूरबा छात्रावास में दाखिला ली. आगे पढ़ना चाहती है लेकिन अधीक्षिका की उपेक्षित रवैये से नहीं पड़ पा रही है छात्रा बुतकुंवर और उसके परिजनों अधीक्षिका पर सीधा आरोप लगा रहे है कि वो उसे आधी रात को छात्रावास से भगा दी थी. हालांकि अब ये जांच में साफ हो पाएगा कि असल मामला क्या है. लेकिन इसकी वजह से बच्ची का पढ़ाई रुका हुआ है.

Source: 
lalluram.com

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