गोलीकांड : भाई व पुलिस में शिकायत करने वाले की हत्या की थी योजना

गोलीकांड : भाई व पुलिस में शिकायत करने वाले की हत्या की थी योजना
गोलीकांड : भाई व पुलिस में शिकायत करने वाले की हत्या की थी योजना

सुपेला कृष्णा नगर में रविवार शाम को हुए हवाई फायर करने वाले सनकी आरोपी के इरादे काफी खतरनाक थे। जमीन बेचने के बाद हिस्सेदारी कम मिलने से नाराज आरोपी अपने सगे भाई को जान से मारना चाहता था और दूसरा वह उस व्यक्ति भी जान लेना चाहता था जिसने सुपेला थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराने वाले की किस्मत अच्छी थी कि वह उस समय घर पर नहीं था जब आरोपी वहां पहुंचा था। यह बातें आज पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी विजय पाण्डेय ने गोली कांड के मामले में आरोपियों को पेश करते हुए कहीं।
एएसपी विजय पाण्डेय ने बताया कि कृष्णा नगर निवासी वीरेन्द्र नाई आदतन अपराधी ही नहीं बल्कि खतरनाक इरादों को अपने भीतर पाल रखा था। 2011 में बलत्कार के मामले में वीरेन्द्र नाई को जेल हो चुकी है। फिलहाल व जमानत पर बाहर था। जेल में इसकी मुलाकात दीपक शिवहरे उर्फ शिवा व गज्जू वर्मा से हुई थी। रविवार को जिस कट्टे से इसने फायर किया था वह उसने शिवहरे से लिया था । उसने शिवहरे से कट्टा व कारतूस लूट की योजना बनाकर लिया था। लेकिन वहां से निकल कर उसने अपने भाई अशोक नाई व असलम को मारने की योजना बना ली।
असलम को मारने के लिए वह उसके घर गया लेकिन असलम घर पर नहीं था। इसके बाद उसने असलम की बड़ी मां रइसुल खातून को देख फायर कर दिया लेकिन निशाना चूक गया। यहां पर वीरेन्द्र नाई ने असलम को मारने की धमकी दी और वहां से निकल गया। वीरेन्द्र नाई अपने भाई की हत्या इसलिए करना चाहता था क्योंकि उसे लगता था कि बंटवारे में उसे कम हिस्सा मिला। बहरहाल डायल 112 पर इस घटना की सूचना मिली और पुलिस ने घेराबंदी कर दी।
मौके पर पहुंचे सुपेला थाने के आरक्षक विवेक पोद्दार का आमना सामना वीरेन्द्र नाई से हुआ लेकिन वहां पर आरोपी ने आरक्षक को धमकाते हुए फायर किया और भाग निकला। यहां पर आरक्षक ने सजगता दिखाते हुए अपने आप को बचाया। इसके बाद पुलिस की पेट्रोलिंग टीमों ने आरोपी वीरेन्द्र को पकडऩे घेराबंदी और तगड़ी कर दी। इस दौरान अवंतिबाई चौक पर वीरेन्द्र नाई को उसका दोस्त जीतेन्द्र मिला जिससे उसने भागने के लिए मदद मांगी। जीतेन्द्र को जानकारी होने के बाद उसने पुलिस को सूचित कर दिया और तत्काल पेट्रोलिंग टीम अवंतीबाई चौक पहुंची और आरोपी वीरेन्द्र नाई को गिरफ्तार कर लिया। वीरेन्द्र नाई के खिलाफ बलात्कार, हत्या, हत्या का प्रयास, घातक हथियार रखने, चोरी, लूट व अवैध रूप से शराब बेचने के मामले दर्ज हैं।
खुलासों ने पुलिस को चौंकाया
मामले में दीपक शिवहरे व गज्जू वर्मा का नाम आने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और पूछताछ में जो खुलासे हुए उससे पुलिस भी चौंक गई। वीरेन्द्र ने जिस दीपक शिवहरे से कट्टा व कारतूस लिए थे वह चित्रकूट जिला सतना मध्यप्रदेश का रहने वाला है। इसका संबंध चित्रकूट के नवल डकैत गैंग से है। इसके खिलाफ चित्रकूट में अपहरण, लूट, फिरौती, आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं और इसके नाम पर 20 हजार का नगद इनाम भी है। यह 2013 से भिलाई में रह रहा था और इसकी गज्जू से जान-पहचान होने के बाद उसकी बहन से शादी कर गुजरात चला गया था। 2016 में भिलाई आया और 2017 में फिर चित्रकूट चला गया था। दीपक शिवहरे के पास से 25 जिंदा कारतूस व मिलिटरी का पट्टा तथा गज्जू के पास 5 जिंदा व 7 खाली कारतूस बरामद हुए। एएसपी पाण्डेय ने बताया कि समय पर पुलिस वीरेन्द्र नाई को गिरफ्तार नहीं करती तो बड़ी घटना घट सकती थी।

Source: 
visionnewsservice.in

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