ग्रामीण बेजा कब्जा हटाने तैयार, प्रशासन से मांगा सहयोग

 ग्रामीण बेजा कब्जा हटाने तैयार, प्रशासन से मांगा सहयोग

वोट की राजनीति और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते बेजा कब्जा की प्रवृत्ति ग्राम कुंडामें बढ़ गई है। इसके चलते निस्तारी समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने ग्राम में बैठक कर ग्रामीण व्यवस्था के तहत अवैध कब्जों को हटाने का निर्णय ले पंचायत प्रस्ताव के साथ कलेक्टर जनदर्शन में प्रशासनिक सहयोग की मांग की। नायब तहसीलदार मंदिर हसौद को समय-सीमा में कार्रवाई का निर्देश जनदर्शन प्रभारी ने दिया है।
ग्राम पंचायत टेकारी (कुंडा) का आश्रित ग्राम है तकरीबन 500 की आबादी वाला छोटा सा ग्राम कुंडा। अवैध कब्जों की वजह से ग्राम की हालत यह है कि, बच्चों का खेल मैदान की बात तो दूर, आवागमन भी दूभर हो गया है। मुंह बाये निस्तारी समस्या खड़ा होने पर जागे ग्रामीणों ने बैठक कर ग्रामीणों की ओर से चिंहाकित किये गये स्थलों से अवैध कब्जों को हटवाने की प्रक्रिया शुरू करने की सहमति बनी और ग्रामीणों के सहमति सूचक हस्ताक्षर युक्त लिखित आग्रह के आधार पर पंचायत प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कुंडा को प्रतिनिधित्व करने वाले चारो पंच मौजूद रहे। पंचायत के इस प्रस्ताव को ले ग्रामवासियों के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को रायपुर पहुंच किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा के साथ जिलाधीश जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंच जिलाधीश की अनुपस्थिति में जनदर्शन प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में बिसौहाराम वर्मा, मनबोधन निषाद, शारदा वर्मा, तुलसी राम वर्मा, भूषण पुरैना, बिसेसर पटेल, पवन वर्मा, मेहतरू वर्मा, तिहारू वर्मा, पुनाराम वर्मा, भगवती वर्मा, खेदन वर्मा, जेठूराम पुरैना, गणेशराम वर्मा, जिरजोधन निषाद, फिरंता पुरैना, विनोद वर्मा, जीवन वर्मा, रोजश वर्मा, लक्ष्मण निषाद, पवन निषाद आदि शामिल थे।
ज्ञातव्य हो कि, ग्राम कुंडा के पास ही के ग्राम अमेरी के ग्रामीणों ने भी बेजा कब्जा हटाओ अभियान चला तकरीबन 5 लाख रुपए खर्च कर ग्राम को तकरीबन बेजा कब्जा मुक्त करा डाला है। सिर्फ दो बेजा कब्जाधारियों की ओर से विरोध करने पर पंचायत प्रस्ताव ले शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद नायब तहसीलदार की ओर से इन दोनो के खिलाफ अतिक्रमण का मामला दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

Source: 
visionnewsservice.in

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