चित्रकोट में 200 से ज्यादा डॉक्टर जुटे, इलाज के साथ बस्तर पर चर्चा

आर्थोपेडिक एसोसिएशन की 17वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस की मेजबानी इस बार बस्तर कर रहा है। बस्तर ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के इस दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत शनिवार को चित्रकोट में हुई। इसमें शामिल होने के लिए देश भर के अलग-अलग हास्पिटल में काम कर रहे 200 से ज्यादा डॉक्टर यहां पहुंचे हैं। डॉक्टरों की इस कांफ्रेंस का असर बस्तर के पर्यटन पर भी पड़ेगा। ऐसा माना जा रहा है कि, देश के अलग-अलग कोनों से आए डॉक्टर जब वापस लौटेंगे तो चित्रकोट और अन्य प्राकृतिक स्थानों की यादें दूसरो से भी साझा करेंगे और बस्तर की छवि नक्सलवाद के अलावा दूसरे रूप में भी प्रचारित होगी। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही 40 चुने हुए जवानों को पर्यटन के क्षेत्र में सैलानियों की सुविधा के लिए तैनात किया गया है।
00 इन डॉक्टर्स ने भी कार्यशाला में दिया योगदान :
नई दिल्ली एम्स के आर्थोपेडिक एचओडी सीएस यादव, ट्रामा सेंटर के एचओडी विवेक तिरखा जैसे डॉक्टरों ने कार्यशाला को संबोधित किया। डॉ संजय प्रसाद ने कहा कि, पहले दिन हड्डियों में आर्टिफिशियल ज्वाइंट लगाने पर यह क्यों खिसक जाती है जैसे विषय पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। इसे अलावा कम चीरा लगाकर बेहतर सर्जरी करने, हड्डियों के मवाद का इलाज और बच्चों के पैर के टेढ़ेपन के इलाज से संबंधित शोधपत्र पढ़े गए। उन्होंने कहा कि, मुंबई, दिल्ली, पटना, कोटा जैसे बड़े शहरों के डॉक्टर इस कांफ्रेंस में शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत बस्तर के सांसद दिनेश कश्यप, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, आईजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर एसपी डी श्रवण की मौजूदगी में हुई। यह पहला मौका है जब देश के कई बड़े हास्पिटल के डॉक्टर एक साथ एक मंच पर बस्तर में जुटे हुए हैं।

Source: 
vision news service

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