छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 1 नवम्बर से,तैयारीे पूरी

छत्तीसगढ़ के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने सहकारिता विभाग के साथ मिलकर समर्थन मूल्य पर धान और मक्का खरीदी की सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। खाद्य विभाग की प्रमुख सचिव ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में आज शाम यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित बैठक में इन तैयारी की विस्तृत समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस वर्ष धान खरीदी के लिए सहकारी समितियों के अंतर्गत 1995 केन्द्र और मक्का के लिए 261 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। खरीदी कल एक नवम्बर से शुरू होगी। भारत सरकार की ओर से वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में मोटे धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपए प्रति क्विंटल, पतले धान का समर्थन मूल्य 1770 रुपए प्रति क्विंटल और मक्के का समर्थन मूल्य 1700 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 31 अक्टूबर की स्थिति में समर्थन मूल्य पर शासन को धान बेचने के लिए 16 लाख 90 हजार किसानों ने पंजीयन करवाया है।
एक नवम्बर से छह नवम्बर तक की अवधि में 62 हजार मीटरिक टन धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी कर दिए गए हैं। भारत सरकार की ओर से निर्धारित गणुवत्ता की धान और चावल का उपार्जन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को भारतीय खाद्य निगम की ओर से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। समस्त खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी संबंधित सॉफ्टवेयर इनस्टाल कर लिए गए हैं। खरीदी केन्द्र स्तर पर धान की खरीदी के लिए जरूरी सभी व्यवस्था कर ली गई है।
बैठक में बताया गया कि राज्य के सीमावर्ती जिलों के खरीदी केन्द्रों में अवैध धान के विक्रय पर नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल की ओर से अब तक अवैध धान वितरण के 84 प्रकरण दर्ज करके 3527 क्विंटल धान जब्त किया गया है। दर्ज प्रकरणों में से जांजगीर-चांपा के चार, कोरबा के दो, मुंगेली के पांच, बालोद के पांच, बेमेतरा के तीन, दुर्ग के 31, राजनांदगांव के दस, बलौदाबाजार के एक, धमतरी के तीन, रायपुर के छह, जशपुर के छह, सरगुजा के एक और सूरजपुर के चार प्रकरण शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि उपार्जित धान के मिलिंग के लिए राईस मिलों के पंजीयन का कार्य चालू है। अब तक 1567 राईस मिलों की ओर से मिलिंग के लिए पंजीयन के लिए आवेदन दिया गया है। राईस मिलों के सत्यापन के बाद उनका पंजीयन किया जा रहा है। अरवा चावल का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा और उसना चावल का उपार्जन भारतीय खाद्य निगम के की ओर से किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव ऋचा शर्मा ने धान खरीदी की व्यवस्था की मानिटरिंग के लिए गठित राज्य स्तरीय टीम को खरीदी केन्द्र का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुचारू एवं व्यवस्थित तरीके से धान खरीदी के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं जाए। उन्होंने समिति स्तर पर धान खरीदी की साप्ताहिक समीक्षा करने, राइस मिलों से उत्पादन क्षमता प्रमाण पत्र एवं मार्कफेड व राईस मिलरों के बीच एग्रीमेंट प्राप्त करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि धान के खरीदी के समय धान की नमी का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, भारतीय खाद्य निगम, अपेक्स बैंक सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

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