छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू हो : कांग्रेस

जम्मू कश्मीर में जिन हालातों को कारण बताकर भाजपा ने वहां राज्यपाल शासन की वकालत की है उससे भी बद्तर स्थिति छत्तीसगढ़ की है इसलिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। किसानों को खाद बीज नहीं मिलने को लेकर सभी जिलों में कांग्रेस आंदोलन करेगी। इस कड़ी में गुरुवार को राजनांदगांव में बैलगाड़ी रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ये बातें बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए पीसीसी चीफ भूपेश बघेल,धनेन्द्र साहू और सत्यनारायण शर्मा ने कही।
भूपेश बघेल ने कहा की मंगलवार को भाजपा प्रवक्ता राम माधव ने जम्मू कश्मीर सरकार से समर्थन वापस लेने और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए जो तीन कारण बताए है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है, कुछ क्षेत्रों के साथ भेदभाव हो रहा है और नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थिति उससे भी बद्तर है। मंगलवार की रात में महासमुंद विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने एक एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज न कर विधायक की ही पिटाई की है और ये हालत पूरे छत्तीसगढ़ के हैं इसलिए कांग्रेस की मांग है कि राज्य में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। विधायक धनेन्द्र साहू ने प्रदेश में खाद बीज की अनुपलब्धता को लेकर को सभी जिलों में किसान आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा इसकी शुरुआत राजनांदगांव में किसानों की बैलगाड़ी रैली, धरना प्रदर्शन से की जाएगी। विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कर्मचारियों अधिकारियों और पुलिस विभाग की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का जिक्र किया और कहा की कांग्रेस की सरकार बनेगी तो उनकी जायज मांग पूरी की जाएगी। कांग्रेस नेता मोहम्मद अखबर ने पुलिस अधीक्षक और थानेदारों को दो वर्ष पूर्व ही हटा देने का मामला उठाया। उन्होंने कहा की पुलिस अधीक्षक और थानेदार को अपने इलाके को समझने में समय लगता है और जब वे अपराधों और अपराधियों को समझने लगता तब भाजपा शासन उसे हटा देती है, जिससे प्रदेश में असुरक्षा की स्थिति निर्मित हुई है इस सबका एक ही समाधान है राष्ट्रपति शासन और अगले चुआव में कांग्रेस की वापसी।

Source: 
visionnewsservice.in

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