छत्तीसगढ़ स्टार्ट-अप राज्य यहां विकास की अपार संभावनाएं : डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ अभी स्टार्ट-अप राज्य है। यहां पर विकास की अपार संभावनाएं मौजूद है। ये बातें गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास कार्यालय से मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ सदैव नवाचार को प्राथमिकता देता आया है।
00 फेलोशिप इसी की अगली कड़ी :
मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप कार्यक्रम इन्हीं प्रयोगों की अगली कड़ी है। राज्य शासन ने फैलोस चयन प्रक्रिया में नए प्रयोग कर 6 छ: माह की अल्प अवधि में फैलोस का चयन कर नियुक्ति भी कर दी गई है। देश तथा देश के बाहर मौजूद सर्वश्रेष्ठ पेशेवरों को जोडऩे के उद्देश्य में राज्य शासन को सफलता मिली है।
उन्होने कहा कि, फैलोज़ मुख्यमंत्री की टीम है, और सभी फैलोज़ उनसे कभी भी संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ शांतिप्रिय राज्य है। फैलोज़ सामाजिक उत्थान के जिस उद्देश्य को लेकर राज्य में आए हैं उसे पूरा करें और छत्तीसगढ़ को देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में अपना योगदान प्रदान करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव अमन सिंह, सचिव संजय शुक्ला, आर. प्रसन्ना, सुब्रत साहू, शहला निगार, ऋचा शर्मा, सूकुमार टोप्पो, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एलेक्स पॉल मेनन, चिप्स के मुख्य परिचालन अधिकारी पुष्पेन्द्र मीणा भी उपस्थित रहे।
00 सोशल मीडिया के प्रचार-प्रसार से चहुंओर मिली व्यापक सफलता :
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव अमन सिंह ने कहा कि, राज्य शासन ने पेशेवरों की चयन प्रक्रिया को सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्विटर) बूट कैम्प आदि माध्यमों से प्रचारित किया गया है। सोशल मीडिया के प्रचार-प्रसार को चहुंओर व्यापक सफलता मिली है। अनेक राज्यों के मुख्य सचिवों ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव से सम्पर्क कर प्रोग्राम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की है।
उल्लेखनीय है कि, मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप प्रोग्राम के अंतर्गत अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान हावर्ड बिजनेस स्कूल, लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस, सिंगापुर के प्रसिद्ध बिजनेस स्कूलों, भारत के प्रमुख संस्थान आई.आई.एम., आई.आई.टी. और आई.एस.बी. के उम्मीदवारों सहित लगभग 4500 उम्मीदवारों ने आवेदन किया।
00 मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप प्रोग्राम को बनाया गया पूर्ण पारदर्शी :
चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एलेक्स पॉल मेनन ने कहा कि, मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप प्रोग्राम को पूर्ण पारदर्शी बनाने के लिए त्रि-स्तरीय चयन प्रक्रिया को अपनाया गया। त्रि-स्तरीय चयन प्रक्रिया से जहां एक ओर पूर्ण पारदर्शिता रही, दूसरी ओर राज्य शासन को भी देश-विदेश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं के चयन का अवसर मिला। प्रथम चरण में उम्मीदवारों के ऑनलाईन परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें उम्मीदवारों की योग्यता, राईटिंग स्कील, मनोमिती परीक्षण और नेतृत्व क्षमता का परीक्षण किया गया।
द्वितीय चरण में राज्य से संबंधित 15 विभिन्न केस स्टडी सभी उम्मीदवारों को प्रदान कर समाधान मांगा गया। आईआईएम रायपुर और मुम्बई के विषय विशेषज्ञों ने इन केस स्टडी के समाधानों का परीक्षण किया। तृतीय चरण में व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया गया। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेयरिंग कमेटी के निर्णय अनुसार राज्य के वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों को सम्मिलित करने हुए कुल 10 इंटरव्यू पैनल बनाकर दिल्ली, रायपुर तथा बैंगलुरु में इंटरव्यू लिए गए।
फैलोज़ की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशिक्षण अकादमी में 15 नवंबर से इन फैलोज़ के लिए विभिन्न विषयों में 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला प्रारंभ हो गया है। राज्य के वरिष्ट अधिकारियों द्वारा फैलोज़ को प्रतिदिन मार्गदर्शन दिया गया है। इसके अलावा टाटा इंसीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टी.आई.एस.एस. मुंबई), इंडियन इंसीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आई.आई.एम. रायपुर) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एजेंसी ई.पी.ओ.डी. के विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी फैलोज़ को कार्य संचालन प्रबंधन, पारस्परिक सम्बंध, व्यापर्क आर्थिक वृद्धि के संकेतक, आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन, डाटा विश्लेषण, प्रभावी संवाद, ई-गर्वनेंस, परियोजना प्रबंधन, कृषि अर्थव्यवस्था और शोध आदि विषयों पर वृहद प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

Source: 
Vision News Service

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