जनवादी लेखकों ने अम्बेडकर को बताया नीला आकाश

जनवादी लेखकों ने अम्बेडकर को बताया नीला आकाश

जनवादी लेखक संघ छत्तीसगढ़ राज्य इकाई और महामानव विचार प्रसार संघ के सहयोग से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा और प्रासंगिकता विषय पर विचार गोष्ठी हुई।जहां वक्ताओं ने बाबा साहेब को नीला आकाश बताया । बुद्धभूमि परिसर में हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मार्क्सवादी चिंतक कॉमरेड बादल सरोज ने कहा कि हम लोगों ने खासकर उत्तर भारत के लोगों ने बाबा साहेब के विचारों के साथ अंतरंगता रखते हुए काम करने में बहुत देर कर दी है।
बाबा साहेब की शख्सियत चमकीले सितारे की तरह है। उनकी विचारधारा गांधी, नेहरु की विचारधारा से कई गुना ज्यादा बड़ी है। वे पूरे आंदोलन में जातियों को समूल नष्ट करने की बात करते रहे हैं। न केवल एक समाज सुधारक बल्कि संविधान निर्माता के रूप में वे भी भारतीय समाज के लिए आदर्श थे। आज भी बाबा साहेब वो नीला आकाश हैं, जिन्हें मुठ्ठी में कैद नहीं किया जा सकता। विशिष्ट अतिथि के उत्तम कुमार ने भी विचार रखे।
राज्य इकाई के सचिव नासिर अहमद सिकंदर ने कहा कि यह आयोजन बाबा साहेब की 126 वीं जयंती, पूना पैक्ट के 85 साल, मार्क्स की 200 वीं जयंती पर हुई। उपस्थितों को युवा कवि राजन मेश्राम ने संविधान शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के अध्यक्ष कवि कपूर वासनिक ने कहा कि उनकी पुस्तकों में एक बेहतर और बराबरी के समाज की संरचना मिलती है। सो अब उन्हें पढ़ते हुए हमें गंभीर पाठक बनना जरूरी है न की भक्त। डॉ. केबी बनसोडे, निसार अली, रतन गोंडाले, संजय पराते, शरद कोकास, परमेश्वर वैष्णव सहित अन्य उपस्थित थे।

Source: 
Vision News Service

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