जयप्रकाश नारायण की जयंती पर जुटे समाजवादी विचारक

भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर बुधवार को मनाई गई। जयप्रकाश नारायण स्मारक प्रतिष्ठान और आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति के बैनर तले कार्यक्रम हुआ। इस दौरान जेपी के प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि सभा हुई, जिसके बाद रूआबांधा स्थित परिसर में परिचर्चा हुई।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी ने कहा कि महात्मा गांधी के बाद स्वतंत्र भारत के इतिहास में जयप्रकाश नारायण ही एक मात्र ऐसे व्यक्तित्व हुए जो जन आंदोलनों के नायक बने। जेपी की परिकल्पना व्यवस्था परिवर्तन की थी, जो लोकतंत्र के लिए बहुत ही जरूरी है। आज के माहौल में हमें निराश होने की जरूरत नहीं, उम्मीद बरकरार रखनी चाहिए। कहा कि आज की परिस्थिति में जेपी का बताया रास्ता और ज्यादा प्रासंगिक हो गया है।
साहित्यकार और वरिष्ठ पत्रकार शिवनाथ शुक्ला ने कहा कि आज चुनौतियां ढेर सारी हैं, लेकिन हमारे लोकतंत्र में मतदाता जितना जागरुक होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा। वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज ने कहा कि लोकतंत्र की एक इकाई होने के नाते आज हम उस मकाम पर खड़े हैं, जहां हमारे सपने भंग होते जा रहे हैं। ऐसे ही दौर में लोकतंत्र की बुनियादी कमियों को दूर करने के लिए ही जेपी ने युवा चेतना को जगाया था। हिंदी के प्राध्यापक व साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा ने जेपी के योगदान को याद करते कहा कि आज की परिस्थिति में वे ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं।
अतिथियों ने सुपेला रेलवे क्रासिंग के पास सेक्टर-6 में जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियां विषय पर परिचर्चा हुई। अतिथियों ने लोकनायक जेपी के साथ हाल ही में दिवंगत हुए प्रखर समाजवादी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. पुरुषोत्तम कौशिक को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को मोहनलाल गुप्ता, श्रमिक नेता प्रभुनाथ मिश्र ने भी संबोधित किया। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष आरपी शर्मा ने 27 साल से जारी इस सालाना आयोजन का ब्यौरा दिया। इस अवसर मनमोहन अग्रवाल, एसएन प्रसाद, रामस्वरूप यादव, अरविंद कुमार, नागेंद्र कुमार, जितेंद्र आदि मौजूद थे।

Source: 
Vision News Service

Related News