जिले भर में प्रतिबंध के बावजूद फिर से खुलेआम बेचा जा रहा जर्दायुक्त गुटखा

जिले भर में प्रतिबंध के बावजूद फिर से खुलेआम बेचा जा रहा जर्दायुक्त गुटखा

शहर में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में हर जगह आसानी से मिलने वाला जर्दायुक्त गुटखा की सप्लाई थोक व्यापारी धड़ल्ले से और जोर से कर रहे है। जबकि दो तीन पहले ही शहर के दो व्यापारियों को प्रशासन की संयुक्त टीम की ओर से पकड़ा गया था। उसके बावजूद भी अभी भी प्रतिबंध गुटखों के नेटवर्किंग पूरे जिले में है।
पान दुकान या किराना की दुकानों के आलाव सभी दुकानों में सप्लाई थोक व्यापारियों के यहां से की जाती है। बड़ी बात यह है कि, पिछले साल भी कोतवाली पुलिस की ओर से जो व्यापारियों को पकड़ा गया था वहीं दोनों व्यापारियों को फिर इस साल पकड़ा गया है, अब सवाल यह उठा रहा है कि, जिले भर में क्या यहीं दोनों व्यापारियों की ओर से ही सप्लाई की जाती है कि, पर्दे के पीछे के बड़े व्यापारियों को बचाया जा रहा है जो पूरे जिले में गुटखों की बोरियां सप्लाई करते है मनमाने दामों में। पुलिस और खाद्य विभाग अपनी इस नाकामी को छिपा रही है जो गुटखों का अवैध भंडारण करते है और व्यापार कर रहे है खुलेआम। पुलिस और खाद्य और औषधि सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मंजर ब्रदर्स की दुकान और गोदाम में छापा मारा था। एक टीम की ओर से गोलबाजार के रमेश कुमार मोहबिया की दुकान और गोदाम पर भी छापा मारा था दोनों व्यापारियों के पास से कुल 24 बोरे जर्दायुक्त गुटखा मिले। इसकी कीमत संयुक्त टीम की ओर से 15 लाख रुपए आंकी गई थी। बार-बार वहीं काम के चलते प्रशासन इस बार उन पर बड़ा जुर्माना ठोकने की तैयारी में है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जितने का गुटखा बरामद की गया है उतना ही जुर्माना तय माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी जर्दायुक्त गुटखों की कीमत बढ़ा दी गई है। इस कारण व्यापारी तगड़ी चांदी कट रहे है। प्रतिबंधित जगहों पर भी खुलेआम बिक्री की जा रही है।

Source: 
Vision News Service

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