ट्रेक्टर योजना से चापा पण्डा और बुरका नारायण में आई समृद्धि

 ट्रेक्टर योजना से चापा पण्डा और बुरका नारायण में आई समृद्धि

जिले के उसूर विकासखण्ड में रहने वाले चापा पण्डा और बुरका नारायण की जिन्दगी में जिला अन्याव्यवसायी निगम की अनुसूचित जनजाति ट्रेक्टर ट्राली योजना ने बदलाव लाकर आर्थिक समृद्धि की राह दिखाने मे सफलता पाई है। दोनों किसानों के खेत पहले हल से जुताई होते थे, जिससे न के बाराबर आमदनी होती थी, लेकिन ट्रेक्टर ट्राली योजना का लाभ लेकर अब इनके खेतों में ट्रेक्टर से जुताई होती है। इससे खेती का रकबा बढऩे से उत्पादन और आमदनी में बढ़ोतरी हुई है।
उसूर के सुुदुरवर्ती ग्राम पावरेल के किसान चापा पण्डा के पास 5 एकड़ की कृषि भूमि है, जिसमें वह किराए से ट्रेक्टर वाहन और हल के माध्यम से जोताई किया करता था। इसके चलते परिश्रम और खर्च ज्यादा करना पड़ता था। अनुसूचित ट्रेक्टर ट्राली योजना के बारे मे जानकारी मिलने से योजना के माध्यम से लोन के आवेदन कर 8.39 लाख ऋण प्राप्त कर ट्रेक्टर ट्राली क्रय कर अपने खेतों की जोताई करने लगा। इसके साथ-साथ चापा अन्य किसानों के खेतों में जोताई का कार्य कर आय मिलने से सफल होने लगा। चापा के खेतों में रकबा बढऩे से फसल का उत्पादन बढऩे लगा, जिससे उसकी आमदनी हर महिने 20 से 25 हजार के बीच होने लगी। इस आमदनी से किस्त चुकाने के बाद हर महिने 14 हजार रुपए की बचत से चापा का परिवार आर्थिक तंगी से निजात पाने मे सफल हो गया है।
इसी तरह ईलमिडी निवासी बुरका नारायण के पास 40 एकड़ होने के बाउजूद उसके परिवार का भरत पोषण बमुश्किल हो पाता था। सुविधा ने होने से वह अपने खेत की हल के जरिए जोताई किया करता था, जिसमें वह बहुत कम क्षेत्र में फसल की बोआई कर पाता था। ट्रेक्टर खरीदने के इच्छुक नारायण के लिए नगद वाहन खरीदना संभव नही था। इस काम में जिला अंत्यावसायी निगम के अधिकारियों ने योजना की विस्तृत जानकारी देकर उसकी मदद की। योजना का लाभ लेकर नारायण अपने पूरे खेत की जोताई करने मे सफल होने के साथ साथ अपने ट्रेेक्टर का कमर्शियल उपयोग कर अपनी आमदनी बढाने मे सफलता पाई है। आमदनी बढऩे से नारायण अपने बच्चों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम हो पाया है। नारायण की हर महिने की कमाई 30 हजार के आसपास हो जाती है, जिससे और किस्त पटाने के बाद 16 हजार की बचत कर लेता है।

Source: 
Vision News Service

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