डाकघर में सीसीटीवी नहीं होने से लेटर बम फोड़ने वाले का कोई सुराग नहीं

नगर पालिक निगम भिलाई के एमआईसी सदस्य के लेटर पैड़ पर मंत्री, विधायक, आयुक्त, महापौर सहित पार्षदों और अन्य लोगों के खिलाफ लेटर बम फोड़ने वाले का सुराग मिल पाना मुश्किल होगा। उक्त पत्र बीते पिछले शनिवार की दोपहर दुर्ग के जिस डाकघर से स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। हालांकि सदस्य डा. दिवाकर भारती के वास्तविक लेटर पैड और विवादित पत्र का प्रारूप बिल्कुल अलग है। दोनों को देखने से स्पष्ट हो रहा है कि वह पत्र फर्जी है।
00 क्या है पूरा मामला :
बुधवार को निगम में कुछ जनप्रतिनिधियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, निगम आयुक्त केएल चौहान, महापौर देवेन्द्र यादव, पार्षद वषिष्ठ नारायण मिश्रा, रिकेश सेन, लक्ष्मीपतिराजू, पियूष मिश्रा, गार्गीशंकर मिश्रा, दया सिंह और आईपी मिश्रा सहित अन्य लोगों के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी हुई थी। उक्त पत्र को 15 नवंबर को दोपहर 1.12 बजे स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है। पत्र मिलने के बाद निगम और जिले भर के राजनीतिक गलियारों में बड़ा धमाका हुआ और शाम तक इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी। हालांकि पत्र मिलने के तुरंत बाद डा. दिवाकर भारती ने एसपी, सुपेला थाना प्रभारी और छावनी थाना प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपकर जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, निगम में ये लेटर बम फोडऩे वाला व्यक्ति आखिर है कौन?
इस लेटर बम के धमाके के बाद शहर में कई तरह की चर्चाएं होनी शुरू हो गई है। लेटर में जिनका नाम है वे अपने विरोधियों पर शक कर रहे हैं। चर्चा है कि पत्र भेजने वाला पत्र में लिखे व्यक्तियों को अच्छे से जानता है। चर्चाओं में दुर्ग की एक विधानसभा से चुनाव लड़ चुके एक वरिष्ठ नेता, एक प्रिटिंग प्रेस चलाने वाला कथित सामाजिक कार्यकर्ता, नेहरूनगर निवासी एक छुटभैया नेता और डा. दिवाकर भारती के राजनीतिक प्रतिद्वंदियों और जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत की है, उनपर शक की सुई घुम रही है।
उन्होंने कहा कि, पत्र को देखकर ही पता चल रहा है कि वो पूरी तरह से फर्जी है। लेटर पैड के ऊपर का हिस्सा और नीचे निचे लिखे शब्दों का टेक्स्ट फार्मेट एक जैसा है। केवल उनके हस्ताक्षर को स्कैन कर लेटर के अंत में पेस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि, असली लेटर पैड पर लिखे नगर पालिक निगम के पास में निगम का लोगों बना है। उक्त पत्र पूरी तरह से फर्जी है। डा. भारती ने शहर के तीन लोगों पर शक जाहिर किया है, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया है।

Source: 
Vision News Service

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