डेंगू ने फिर पसारा पैर, 7 लोगों में दिखे लक्षण, कुछ गंभीर

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पिछले कुछ दिनों से डेंगू के करीब 7 संदिग्ध मरीजों को चिन्हांकित किया जा चुका है। कुछ की स्थिति गंभीर बताई गई है। शुक्रवार को ये बातें जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ हबेल उरांव ने कही। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों में डेंगू के वायरस पाए गए हैं उनमें से अधिकांश लोग शहर के दैनिक सब्जी मंडी संजय कॉम्पलेक्स तथा नगर निगम कार्यालय के आसपास के ही रहवासी है। जबकि कुछ लोगों को सब्जी मंडी में खरीददारी के दौरान इस प्रकोप में जकड़ लिया है।
पिछले कुछ दिनों के दौरान निगम कार्यालय के सामने व आसपास निवासरत लोगों में ही ये लक्षण पाए गए हैं जो कहीं न कहीं संजय काम्पलेक्स सब्जी मंडी में साफ- सफाई तथा दवा छिड़काव में लापरवाही की ओर इशारा करते हैं। पिछले तीन दिनों के दौरान जहां इसी क्षेत्र से 4 से 5 लोग डेंगू का शिकार हुए हैं वहीं आज भी इसी क्षेत्र में निवासरत तीन लोगों में डेंगू वायरस के पॉजीटिव होने के लक्षण पाए गए हैं। बताया जाता है कि इनमें से विनय अग्रवाल, उनकी मां तथा शरद अग्रवाल को तेज बुखार आने तथा बुखार नहीं उतरने के कारण जिंदल अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां रक्त परीक्षण करने पर इन तीनों में डेंगू वायरस के लक्षण मिले हैं। इसके बाद उसी अस्पताल में ही तीनों का उपचार चलने की जानकारी मिली है।
दूसरी ओर निगम प्रशासन संबंधित क्षेत्र में दवा छिड़काव शुरू करने का दावा तो कर रहा है मगर इससे बीमारी के प्रकोप में कोई रोकथाम होता नजर नहीं आता। सबसे अहम बात यह है कि शहर के बीचों बीच ह्दय स्थल पर यदि डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है तो ऐसी स्थिति में शहर में फिर कौन सुरक्षित है?
00 क्या है सच्चाई :
सरकारी अस्पतालों में सही ढंग से इलाज नहीं होनें से कई मरीज जिंदल उद्योग की ओर से संचालित फोर्टिस अस्पताल में भी पहुंच रहे हैं। वहां उनकी संख्या लगभग 10 से अधिक हो चुकी है और कुछ मरीज महंगे इलाज से परेशान होकर वापस घर लौटने को मजबूर हैं। इस संबंध में एक मरीज ने आज अपना नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि, डेंगू के इलाज के नाम पर वहां 50 से 60 हजार रुपए लिए जा रहे हैं । वहीं जो मरीज पैसा नहीं दे पा रहे है उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
00 निगम के 48 वार्डों में लापरवाही :
शहर के भीतर खासकर सार्वजनिक स्थानों हाट बाजार तथा वार्डों के गली मोहल्लों में नियमित साफ - सफाई नहीं होने तथा रोजाना दवा का छिड़काव नहीं होनें के कारण जानलेवा डेंगू का कहर धीरे-धीरे पैर पसारने लगा है। निगम के सभी 48 वार्डों में निगम की घोर लापरवाही के चलते गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बरसात के चलते गंदे पानी से बजबजाती नालियों में डेंगू मच्छर तेजी से बढ़ रहे हैं। जिनका असर अब दिखने लगा है।
00 हर रोज हो रहा दवा छिड़काव : निगम
निगम के सभापति शेख सलीम नियारिय की मानें तो मच्छर के प्रकोप से निबटने हर रोज वार्डों में दवा छिड़काव व विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को संजय काम्पलेक्स परिसर व गुजराती पारा में विशेष सफाई अभियान चलाकर साफ-सफाई करने के साथ दवा छिड़काव कराया गया।
00 पार्षद व नागरिकों का प्रमाण जरूरी : आयुक्त
निगम आयुक्त विनोद पाण्डेय ने बताया किस, दवा छिड़काव वार्डवार रोस्टर अनुसार हर रोज किया जा रहा है। वार्ड में सहीं तरीके से दवा का छिड़काव हुआ है या नहीं इसके लिए पार्षद व नागरिकों से प्रमाण-पत्र लेने संबंधित व्यवस्था भी की गई है। छिड़काव करने वाले कर्मी पार्षद से मिलते हैं और उनके निर्देशानुसार दवा का छिड़काव करते हैं। दवा छिड़काव होने पर पार्षद के हस्ताक्षर व सील युक्त प्रमाण पत्र और नागरिकों के नाम व पते सहित हस्ताक्षर युक्त प्रमाणीकरण संबंधित व्यवस्था की गई है, जो निरंतर जारी है।
00 क्या कहते हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी :
शहर में लगातार फैल रहे डेंगू के मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ हबेल उरांव भी इस बात को स्वीकारते हैं, अभी तक 7 लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं और इनके ब्लड सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजा गया है साथ ही साथ प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए सर्तकता बरती जा रही है।

Source: 
visionnewsservice.in

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