देश की आत्मा गांवों में निवास करती है: साहू

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देश की आत्मा गांवों में निवास करती है और यहां के विकास में ग्राम पंचायतों के सरपंचों की भूमिका अहम होती है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों को आगे बढ़कर कार्य करना होगा। ये बातें शुक्रवार को क्षेत्र के सांसद चंदूलाल साहू ने एक कार्यक्रम के दौरान कही। मौका था जिला मुख्यालय के टाउन हॉल में हो रहे कार्यक्रम ``न्यू इंडिया मंथन- संकल्प से सिध्दि`` पंचायत सम्मेलन का।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विकास और उत्थान के लिए आने वाले पांच वर्षो का संकल्प लेकर कार्य करने का आव्हान किया है। भारत छोड़ों आंदोलन के 75 वीं वर्षगांठ पर देश की जनता से आव्हन किया है कि हम सब मिलकर संकल्प लें और कंधे से कंधा मिलाकर एक ऐसे नए भारत का निर्माण करें, जिस पर हमारे अमर स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व हो।
सांसद साहू ने कहा कि हम सभी अपने गांव, शहर और जिले के विकास का संकल्प लेकर कार्य करें तो निश्चिय ही वर्ष 2022 तक पूरे प्रदेश और फिर नए भारत का निर्माण कर सकते हैं। सम्मेलन के समापन पर उपस्थित विधायकों, पंचायत और जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं, और नागरिकों को गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, संप्रदायवाद और जातिवाद मुक्त भारत का निर्माण करने, अपने गांव को उन्नत, आत्म निर्भर, वृक्षो से अच्छादित गांव बनाने, वर्ष 2022 तक हर गरीब को घर दिलाने, हर हाथ को कुशल बनाने, हर गांव तक सड़क पहुंचाने और हर गांव में स्व सहायता समूह बनाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि, वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही सुविधाओं के कारण एक बार फिर से गांवों के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है, हमारा दायित्व है कि गांव को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाए तथा अपने गांवों को आदर्श बनाए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष खल्लारी विधायक चुन्नीलाल साहू, विधायक ने महासमुंद जिले के लभरा तथा तमोरा गांव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का विशेष रूप से उल्लेख किया और आजादी के आंदोलन में महासमुंद की भूमिका को रेखांकित किया।
इस अवसर पर महासमुंद क्षेंत्र के विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कृषि के विकास तथा रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। महासमुंद जनपद पंचायत अध्यक्ष धरमदास महिलांग ने स्वच्छता पर जोर दिया और जातिवाद की बुराईयों को त्यागने कहा।
कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने जिले के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि महासमुंद एक कृषि प्रधान जिला हैं, यहां कृषि के विकास की और अधिक संभावनाएं हैं। हमारा लक्ष्य जिले को 2022 तक कुष्ठ मुक्त बनाना हैं इसके लिए हम सभी का संकल्पित होने की जरूरत है। उन्होंने जिले के विकास के लिए शिक्षा पर जोर दिया और गुणवत्ता बढ़ाने का आव्हान किया।

Source: 
visionnewsservice.in

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