दो विधानसभा में भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा

विधानसभा चुनाव के द्वितीय चरण के लिए बालोद जिले के दो विधानसभा में भाजपा ने अब तक अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है वही कांग्रेस जिले के तीनों विधानसभा से नामो की घोषणा नहीं की है जिसे लेकर पूरे जिले में तरह-तरह की चर्चा बात हो रही है। दोनों प्रमुख राजनितिक दलों ने अपना पत्ता नहीं खोला है जिले के संजारी बालोद और गुंडरदेही में भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। वही कांग्रेस भी संजारी बालोद डौंडी लोहारा और गुंडरदेही में प्रत्याशी चयन को लेकर संकट में नजर आ रही है जोगी कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित होते ही लोगो से जनसंपर्क में लग गए हैं। पिछले चुनाव में भाजपा को पटखनी देकर कांग्रेस ने एतीहासिक विजय प्राप्त कर बालोद जिले के तीनों सीट पर अपना कब्जा जमाया था बाद में गुंडरदेही के विधायक राजेंद्र राय जनता कांग्रेस जोगी के खेमे में चले गए।
भाजपा में मचा है घमासान : जिले के गुंडरदेही और संजारी बालोद में प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से कई नेताओं के नाम टिकिट पाने दौड़ में हैं संजारी बालोद में रोज नए-नए नाम सामने आ रहे हैं जिसे लेकर भाजपा में घमासान मचा हुआ है। उसी तरह गुंडरदेही में पूर्व सांसद स्व. ताराचंद साहू के पुत्र दीपक साहू, मंत्री रमशिला साहू पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू के बीच उलझन हो गई है। ऐसे में पार्टी किसी भी तरह का कोई संकट मोल लेना नहीं चाहती।
वर्तमान विधायक को दरकिनार करना पड़ सकता है महंगा : संजारी बालोद विधानसभा में 2013 के चुनाव में कांग्रेस के भैयाराम सिन्हा लगभग 31 हजार मतों से भाजपा के प्रीतम साहू को हराकर कांग्रेस जीत दर्ज किया था। इस बार चर्चा है कि उनके कार्यशैली को लेकर उनकी टिकिट खतरे में दिखाई पड़ रही है, लेकिन ऐसा हुआ तो कांग्रेस को कलार समाज की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है। वर्तमान विधायक के नेतृत्त्व में संजारी बालोद के नगरीय निकाय सहित त्री-स्तरीय पंचायत चुनाव सहकारी समिति चुनाव में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था जिसे नजर अंदाज करना गलती हो सकती है ।
प्रत्याशियों के नाम को लेकर अटकलें :
वर्तमान में संजारी बालोद और गुंडरदेही में प्रत्याशियों के नाम का चयन नहीं होने से शोसल मीडिया सहित आमजन भी अपने-अपने अंदाज में टिकिट का वितरण कर रहे हैं । किसे मिलेगा टिकिट कौन हो सकता है जिताऊ किसका कितना प्रभाव ये सब बातें आम हो रही है दोनों पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों का चयन नहीं कर लोगो को सोंचने पर मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री के सांसद पुत्र और संगठन से बालोद के चुनाव प्रभारी अभिषेक सिंह का नाम भी काफी जोरो से चल रहा है परंतु भाजपा से जुड़े लोगो का कहना है कि भाजपा वंशवाद की राजनीति नहीं करती
डौंडी लोहारा में भाजपा की घोषणा से कार्यकर्ता नाराज : बालोद जिले के डौंडीलोहारा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है यहां से भाजपा ने पूर्व विधायक लाल महेंद्र सिंह टेकाम को अपना प्रत्याशी बनाया है। जिसे कुछ कार्यकर्ताओ ने दबी जुबान से टिकिट वितरण में चूक बताया है। वही लाल महेंद्र सिंह के कई तरह के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं जिसे लाल महेंद्र सिंह विरोधियो की साजिश बता रहे हैं।

Source: 
visionnewsservice.in

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