नई सोच और अतीत की महक से भरा छत्तीसगढ़ सरकार का नया कैलेण्डर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के प्रथम माह में प्रकाशित वर्ष 2019 का शासकीय कैलेण्डर कई मायनों में नया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि यह सन् 1930, 1933, 1936, 1939 की ऐतिहासिक तस्वीरों से सुसज्जित है, जो देश के गौरवशाली अतीत से छत्तीसगढ़ की चेतना के तारों को जोड़ती है। उस दौर के महान नेताओं के यादों की महक तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाली छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों की स्मृतियां भी इस कैलेण्डर में संजोई गई हैं। यह कैलेण्डर राजस्व विभाग के शासकीय मुद्रणालय की ओर से प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कल यहां विधानसभा परिसर में इस सचित्र कैलेण्डर का विमोचन किया।
शासकीय कैलेण्डर में यह भी दर्शाया गया है कि विगत 7 दशकों में भारत किस तरह गढ़ा गया तथा नई सरकार की सोच के अनुसार किस तरह धरोहरों तथा परम्पराओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ गढ़ा जाएगा। पुरखौती, ऐसी गढ़ा देश शीर्षकों के साथ, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर के साथ छत्तीसगढ़ी में यह नारा है - ``गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ÓÓ। छत्तीसगढ़ राज्य गठन सन् 2000 से लेकर अब तक कभी भी शासकीय कैलेण्डर में इन विभूतियों तथा प्रसंगकों को स्थान नहीं मिला था, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देश पर इस वर्ष का कैलेण्डर तैयार किया गया है।
नए वर्ष के इस कैलेण्डर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास के विभिन्न प्रसंगों में से एक सन् 1933 की तस्वीर है, जिसमें विद्या मंदिर योजना के तहत रायपुर में प्रथम विद्या मंदिर का शिलान्यास करते हुए महात्मा गांधी मौजूद हैं। कैलेण्डर में इस प्रकार की अनेक ऐतिहासिक विभिन्न तस्वीरों का समावेश है। जैसे-छत्तीसगढ़ प्रवास पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ पंडित रविशंकर शुक्ल (25 नवम्बर 1936), राजर्षि पुरूषोत्तम दास टंडन के साथ बाबू गोविंददास तथा महंत लक्ष्मीनारायण दास ( सन् 1930), राष्ट्रीय विद्यालय, रायपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्याग्रहियों का शिविर (1 मई 1939), देश के आर्थिक-औद्योगिक ढंाचे के सूत्रधार प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का भिलाई प्रवास (16 दिसंबर 1957), भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का छत्तीसगढ़ प्रवास तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रादर्श का अवलोकन (5 फरवरी 1959), प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू तथा गृहमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का छत्तीसगढ़ प्रवास (सन्1962), सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान का छत्तीसगढ़ प्रवास (19 जनवरी 1970), प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा महानदी जलाशय परियोजना गंगरेल, जिला धमतरी का शिलान्यास (5 जून 1972), बस्तर में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आदिवासियों के साथ नृत्य करते हुए (8 जून 1972), प्रधानमंत्री राजीव गांधी का ग्राम दुगली, जिला धमतरी प्रवास (सन् 1985), एनटीपीसी के सीपत थर्मल पावर प्रोजेक्ट का राष्ट्र को समर्पण तथा लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट-1 का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (19 सितम्बर 2013)। शासकीय कैलेण्डर के विमोचन के संक्षिप्त और सादगीपूर्ण कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल, वन, आवास और पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक कुलदीप जुनेजा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग, संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी और स्कूल शिक्षा तथा जनसम्पर्क विभाग के सचिव गौरव द्विवेदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह वार्षिक कैलेण्डर निर्धारित कीमत पर इन्द्रावती भवन के पीछे अटल नगर (नया रायपुर) स्थित शासकीय मुद्रणालय और राजनांदगांव स्थित शासकीय मुद्रणालय से प्राप्त किया जा सकता है।

Source: 
visionnewsservice.in

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