नक्सली क्षेत्र के मतदाताओं ने की उंगली पर स्याही नहीं लगाने की मांग

नक्सली क्षेत्र के मतदाताओं ने की उंगली पर स्याही नहीं लगाने की मांग

आदिवासी बाहुल्य अतिसंवेदनशील नक्सली प्रभावित क्षेत्र में मतदान करने के लिए मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह है। वहीं दूसरी तरफ नक्सलियों के बहिष्कार और स्याही के निशान देखने पर सजा देने की चेतावनी को लेकर भी मतदाता परेशान हैं। इसके बावजूद भी लोगों में उत्साह है।
ग्रामीणों ने मतदान के दौरान स्याही के निशान नहीं लगाने के लिए अनुरोध किया है, ताकि मतदान कर सकें। सुकमा कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य और बीजापुर के कलेक्टर कबीर दास ने बताया कि मतदाता जागरूकता कैम्प के दौरान सुझाव आया कि नक्सली धमकियों को देखते हुए इन इलाकों में वोटिंग के बाद लोगों की उंगलियों में स्याही न लगाया जाए। ऐसा करने से आदिवासियों में जीवन का खतरा नहीं रहेगा। इसके साथ ही बीजापुर कलेक्टर कबीर दास कुंजाम ने भी चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा है, पर अभी तक कोई स्वीकृति नहीं आई है।
पुलिस के अनुसार पिछले चुनाव की तरह माओवादी संगठन इस बार भी बस्तर में चुनाव बहिष्कार की घोषणा के साथ-साथ जगह-जगह पोस्टर भी चिपका रहें हैं। दक्षिण बस्तर में अधिकांश मतदान केंद्र संवेदनशील इलाकों में हैं जहां नक्सलियों के बहिष्कार के कारण मतदान कम होता है। इस बार चुनाव आयोग ने अधिक से अधिक मतदान कराने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं, जिसके कारण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

Source: 
visionnewsservice.in

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