नौकरी लगाने के लिए ठगी करने पर जुर्म दर्ज

भाई को मंत्रालय में बाबू बनाने और बहन को पटवारी बनाने के नाम पर साढ़े 7 लाख रुपए की ठगी करने वाले युवक के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामला डभरा थाने का है।
डभरा टीआई अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि डभरा निवासी खुशबू फकवासा सालभर पहले अपने एक रिश्तेदार के यहां नंदेली जैजैपुर गई थी। इस दौरान उनकी पहचान नंदेली के झड़ीराम चंद्रा से हुई। झड़ीराम का बेटा गिरधर चंद्रा रायपुर में रहता था, जिससे वह मोबाइल से नौकरी लगने की चर्चा कर रहा था। उनकी बातों को सुनकर खुशबू ने उससे अपनी नौकरी लगाने की बात कही। इस पर झड़ीराम ने उन्हें गाड़ामोड़ जैजैपुर निवासी रोशन कुमार लहरे पिता सुंदर लाल का पता और मोबाइल नंबर देकर बात करने कहा। जब उसने रोशन से बात किया तो उसने खुशबू को पटवारी बनाने और उसके भाई को मंत्रालय में क्लर्क की नौकरी लगाने का झांसा दिया। इसके लिए उसने 10 लाख रुपए की मांग रखी थी। रोशन के झांसे में आकर खुशबू ने दो किस्त में साढ़े 7 लाख रुपए दे दिए। 2 अप्रैल को 2 लाख और 22 अप्रैल को साढ़े 5 लाख रुपए दिए। पैसा देने के बाद भी जब उनकी नौकरी नहीं लगी तो वे अपने पैसे की मांग करने लगे। रोशन ने उनका पैसा वापस नहीं किया। डभरा थाने में रोशन के खिलाफ शिकायत की गई। पुलिस ने भादंवि की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
बेेटे के लिए झड़ीराम ने दिये थे 4 लाख
टीआई त्रिपाठी ने बताया कि जिस झड़ीराम से खुशबू ने आरोपी रोशन का मोबाइल नंबर और पता लिया था उस झड़ीराम ने भी बेटे की नौकरी लगाने के लिए रोशन को 4 लाख रुपए दिए थे। दरअसल रोशन और झड़ीराम के बेटे गिरधर चंद्रा के बीच अच्छी गहरी दोस्ती थी। रोशन रायपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा में क्लर्क की नौकरी करता था। उसने मंत्रालय में पहचान बताकर नौकरी लगाने के लिए रुपए लिए थे।

Source: 
Vision News Service

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