पतिधर्म के लिए माता पार्वती ने प्राण की आहुति दे दी: ओमप्रकाश

 पतिधर्म के लिए माता पार्वती ने प्राण की आहुति दे दी: ओमप्रकाश

राजा दक्ष की ओर से यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किए जाने से नाराज होकर माता पार्वती ने अपमानित महसूस कर और क्रोध में आकर यज्ञ के अग्रिकुण्ड में कूदकर प्राण आहुति दे दी। पतिव्रता धर्म का पालन किया। उक्त कथा का वाचन व्यास पीठ पर बैठे पं. ओमप्रकाश शर्मा ने खरौद नगर में राधिका-राजेश्वर यादव के निवास पर भागवत कथा यज्ञ के अवसर पर किया।
पत्नी अपने पति के मान-सम्मान के लिए अपने प्राणों की बलिदान दे देती है। जिसके प्रसंग को उदाहरण के माध्यम से समझाते हुए बताया कि माता पार्वती राजा दक्ष की पुत्री थी। राजा दक्ष की ओर से यज्ञ किया गया, जिसमें भगवान शंकर को यज्ञ में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया। जिसकी जानकारी पत्नी पार्वती को होने पर अपमानित महसूस की और पति को सम्मान दिलाने के लिए पिता के यज्ञ कुण्ड में कूदकर प्राणों की आहुति दे दी। इस तरह माता पार्वती ने पति धर्म का पालन किया। श्रीभागवत कथा यज्ञ ज्ञान राजेश्वर यादव के घर विगत 7 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ है, कथा में कपिल अवतार, शिव सती चरित्र, ध्रुव चरित्र का रोचक कथा प्रस्तुत किया गया है। जिसे सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर पं. सुधीर मिश्रा, उषा गुप्ता, सोनाऊ गुप्ता, सुबोध शुक्ला, आभा शुक्ला, सत्या दीदी, बेदराम यादव, बसंत देवांगन, गुलजारी साहू, जगदीश यादव सहित नगरवासी उपस्थित थे।

Source: 
Vision News Service

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