पाइप लाईन निर्माण के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता के साथ कंपनी का आगाज

एक विशेष प्रकार की तकनीक और उच्च गुणवत्ता की तकनीक से ड्रेनेज वाटर और नलों के लिए, अस्पतालों के लिए इसी प्रकार के भवनों में उपयोग के लिए Huliot India कंपनी ने गुजरात में पाइप निर्माण के लिए उद्योग खोला है। इस प्रकार की तकनीक से पहले इजराइल में निर्माण किया जाता रहा है। भारत में 2014 से इसका निर्माण किया गया है। इस पाइप की यह खासियत है। कि 95 डिग्री तापमान तक यह पाईप निष्प्रभावी रहेगी। जबकि भारत में अभी उपयोग होने वाली पीवीएस पाइप में तापमान का प्रभाव पड़ता है और पीवीसी पाइप खराब हो जाते हैं जिन्हें बदलना पड़ता है। इसके बदलाव में खुदाई और फिर से जुड़ाई आदि के लिए भारी खर्च होता है। सामान्यत: पीवीएस पाइप 48 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान के बाद उसकी गुणवत्ता खराब होने लगती है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि पीवीएस की तुलना में उसकी पाईप 18 से 20 प्रतिशत महंगी है लेकिन एक बार लगाने के बाद 50 वर्षों की इसकी लाईफ रहती है और 10 साल की गारंटी कंपनी दे रही है। यह एक ग्रीन प्रोडक्ट है जिसकी मांग गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित बड़े राज्यों में है। छत्तीसगढ़ में इसकी मांग होने के कारण इसे मारूति ट्रेडर्स को एजेंसी देकर छत्तीसगढ़ में काम शुरू किया जा रहा है। ये बातें कंपनी के सीईओ प्रसन्ना सेट्टी और आईपीए रायपुर चेप्टर के चेयरमैन संजीव रुंगटा ने पत्रकार वार्ता में उक्त बातें कही।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि भारत में इस पाइप का उपयोग कृषि कार्य के लिए नहीं है। मेरिन ड्राईव में इस कंपनी के प्रोडक्शन का डिस्पले किया जा रहा है और वहां पर किताबें और पाइप के नमूने अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेंगे।

Source: 
visionnewsservice.in

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