पॉस्को एक्ट पर शिक्षकों-विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला

Ashoak Bala Ji

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य बाल संरक्षण आयोग, शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पॉस्को एक्ट पर शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला हुई। न्यू सर्किट हाऊस में कार्यशाला की शुरुआत यशवंत जैन सदस्य राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, शताब्दी पांडेय, कलेक्टर ओपी चौधरी, नंदलाल चौधरी सदस्य सचिव, जिला शिक्षा अधिकारी बंजारा, विशेषज्ञ मनीष गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर हुई ।
मोहनी नौटियाल राष्ट्रीय आयोग नई दिल्ली की विषय विशेषज्ञ ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
यशवंत जैन ने बताया कि, पॉस्को एक्ट पर देश के पांच राज्यों में कार्यशाला होगी। प्रथम चरण की शुरूआत छत्तीसगढ़ से हो रही है। भावात्मक बुद्धि पर मनीष गुप्ता ने उपयोगी जानकारी दी। विशेषत: शिक्षकों के लिए पॉस्को एक्ट की धारा 21 जिसके तहत बच्चों के विरूद्ध किसी भी लैंगिक उत्पीडऩ होने पर तत्काल उसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को देकर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कलेक्टर ओपी चौधरी ने पूर्ण संवेदनशीलता के साथ शिक्षा विशेषज्ञ के रूप में विस्तार से आरटीई एक्ट की महत्ता पर प्रकाश डाला। बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य सचिव नंदलाल चौधरी ने कहा कि आज बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्रथम प्राथमिकता है। निवृत्तमान अध्यक्ष शताब्दी पांडेय ने आयोग की ओर से बच्चों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। किसी बच्चे के विरूद्ध उत्पीडऩ की शिकायत चाइल्ड लाइन 1098 आयोग के टोल फ्री नंबर 1800-233-0055 और आयोग के शिकायत निवारण प्रणाली मेरी आवाज में कर सकते हैं।

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