प्रदेश की सुरक्षा के लिए 295 नवआरक्षक दीक्षित

Police Training

छत्तीसगढ़ प्रदेश और यहां की जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय से शुक्रवार को 295 नव आरक्षक दीक्षित हुए। 70 हजार से अधिक की संख्या वाली प्रदेश पुलिस की टीम में आज नए आरक्षकों को शामिल किया गया। 13 महीनों के कठिन प्रशिक्षण के बाद ये नव आरक्षक सेवा और सुरक्षा के लिए संपूर्णता से तैयार हैं। माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यायल में दीक्षांत परेड की गई जिसमें 46 पुरुष और 249 महिला आरक्षक शामिल हुए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेश आईपीएस संजय पिल्ले ने बतौर मुख्य अतिथि सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।
पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र अधीक्षक राजश्री मिश्रा ने दीक्षांत परेड में शामिल नव आरक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 1983 में यह प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया। पुलिस परंपराओं को निर्वहन करता यह प्रशिक्षण केन्द्र अविभाजित मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केन्द्र रहा है। सफलता के अनेक कार्यों के साथ महिला आरक्षकों के लिए प्रदेश में एकमात्र संस्था है। बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त करने यह पुरुष आरक्षकों के लिए 37वां और महिला आरक्षकों के लिए 24वां दीक्षांत समारोह है। आज 46 पुरुष और 249 महिला कुल 295 नवआरक्षक हमें मिले हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ होंगे और जो नक्सल क्षेत्रों में जाएंगे उनके लिए चुनौतियां अलग होंगी। आशा है कि विभाग के प्रति कर्तव्य परायणता के साथ कार्य करेंगे।
00 13 महिनों के प्रशिक्षण में कड़ी चुनौतियां, प्रशिक्षण को किया उन्नत -
राजश्री मिश्रा ने कहा कि केन्द्र में 13 महिनों के प्रशिक्षण में विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रशिक्षण में व्यक्तित्व विकास, चिकित्सा, फिजिकल ट्रेनिंग योगाभ्यास भी कराया जाता है। प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक ज्ञान के लिए नवीन विषयों, कम्प्युटर और टेक्नीकल ज्ञान भी दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान पुराने पाठ्यक्रमों को उन्नत भी किया गया है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक के साथ साथ तकनिकी ज्ञान बेहद जरुरी हो जाता है। इस दौरान ड्रईविंग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। लिखित परीक्षा में परिवर्तन किया गया है जिसमें निबंधात्मक प्रश्रों के साथ साथ ऑब्जेक्टिव प्रश्न भी दिए गए। विश्व पर्यावरण दिवस, योग दिवस और अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता रहा। उन्होंने कहा कि दीक्षित नव आरक्षकों को राष्ट्र, समाज और राज्य के लिए ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना है।

Source: 
Vision News Service

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