प्राईवेट अस्पतालों से भी ज्यादा बेहतर सेवाएं दे रहे हैं सरकारी अस्पताल: डॉ. रमन

प्राईवेट अस्पतालों से भी ज्यादा बेहतर सेवाएं दे रहे हैं सरकारी अस्पताल: डॉ. रमन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पताल आम जनता को प्राईवेट अस्पतालों से ज्यादा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सभी के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य अधोसंरचना, कार्य संस्कृति में बड़ा बदलावा आया है। जनता के बीच शासकीय अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने आज रात यहां स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण प्रक्रिया के पालन में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ शासकीय अस्पतालों के राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह ’कायाकल्प योजना 2017’ को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से शासकीय अस्पतालों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा प्रारंभ हुई है। आज दूरस्थ अंचलों के शासकीय अस्पताल बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने समारोह में पुरस्कृत होने वाले सभी अस्पतालों के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा सांसद रमेश बैस ने की। समारोह में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर, संसदीय सचिव शिवशंकर पैकरा और विधायक श्रीचंद सुंदरानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कई अस्पताल आज निजी अस्पतालों से बेहतर हैं। यहां अच्छे डॉक्टर और इलाज की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा-जब भी जरूरत होती है, मैं भी शासकीय अस्पताल में जाता हूं। हाल ही में मेरी बहू की डिलेवरी राजधानी रायपुर के डॉ. अम्बेडकर चिकित्सालय में हुई है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा सांसद रमेश बैस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्मार्ट कार्ड के माध्यम से 50 हजार रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराकर लोगों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि यह हम सबकी जवाबदारी है कि सरकारी अस्पतालों के प्रति जनता का विश्वास बढ़ें। अस्पताल प्रबंधन स्वच्छता के साथ-साथ मरीजों की तकलीफ पर भी संवेदनशीलता के साथ ध्यान दें। स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि आगामी 24 मार्च को राजधानी रायपुर के डीकेएस अस्पताल का उन्नयन कर मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में जनता को समर्पित करेंगे और इसे पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट बनाएंगे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के बजट 341 करोड़ रूपए से बढ़कर 4300 करोड़ रूपए हो गया है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं में जीडीपी का 5.15 प्रतिशत खर्च कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। स्वागत भाषण स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू ने दिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थाओं में सफाई और संक्रमण नियंत्रण के उच्च मापदण्डों के आधार पर उनका चयन किया गया है। कायाकल्प पुरस्कारों का यह तीसरा वर्ष है।
जिला चिकित्सालय की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जिला चिकित्सालय जशपुर को 50 लाख रूपए और प्रशस्ति पत्र, द्वितीय पुरस्कार जिला चिकित्सालय बीजापुर को 20 लाख रूपए और प्रशस्ति पत्र, प्रशस्ति पुरस्कार जिला चिकित्सालय धमतरी को तीन लाख रूपए तथा प्रशस्ति पत्र दिया गया। कोरबा जिला अस्पताल को स्वच्छता में लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए 5 लाख रूपए का पुरस्कार दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार कोरबा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटघोरा को, द्वितीय पुरस्कार सरगुजा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर को दिया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में 15 लाख, द्वितीय पुरस्कार के रूप में दस लाख और इस श्रेणी में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सामुदायिक केन्द्रों को एक-एक लाख रूपए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य श्रेणी में प्रथम पुरस्कार बलरामपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुरकोल को, द्वितीय पुरस्कार कोरबा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लेमरू को दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को प्रथम पुरस्कार के रूप में दो लाख रूपए और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार बिलासपुर के गांधी चौक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को और द्वितीय पुरस्कार दुर्ग जिले के कोसानगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को प्रदान किया गया। कोरबा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को स्वच्छता के मापदण्डों में निरंतरता बनाए रखने के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में दो लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में डेढ़ लाख रूपए और प्रशस्ति पुरस्कार के रूप में 50 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई। इस श्रेणी में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50-50 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी गई। आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर भूरे ने किया। समारोह में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अनिल साहू, संचालक रानू साहू सहित चिकित्सक और अस्पतालों के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Source: 
Vision News Service

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