प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए सर्तकता जरूरी

प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए सर्तकता जरूरी

कबीरधाम में प्राकृतिक आपदा से बचाव और राहत व्यवस्था के तहत आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापना की गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07741-232609 है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 6 से 30 जून तक 24 घंटे कार्य करेगी। जिला प्रशासन की ओर से आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए बाढ़ से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरतने के सुझाव भी है। साथ ही वर्षा ऋमें जल से होने वाली जनजनित बीमारियों और संक्रामक रोगों से बचने और उनके रोकथाम के लिए अपील भी जारी किय गया है।
कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने आगामी मानसून और वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए अपने जारी अपील में कहा, बाढ़ से पहले किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन परिस्थितियों में बिल्कुल नहीं घबराना चाहिए। आपातकालीन संचार व्यवस्था के लिए फोन हमेशा चार्ज रखें और संदेश का प्रयोग करें। अधिक वर्षा होने तथा नदी-नाले में बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल जिले में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष में सूचना दें।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07741-232609 है। अपील में यह भी कहा गया है कि सावधानी के लिए रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की जानकारी प्राप्त किया जा सकता है। पशुओं को खुला छोड़ें ताकि वे सुरक्षित स्थान पर जा सके। सुरक्षा की दृष्टि से पूर्व में ही आपातकालीन किट (सूखा खाद्य पदार्थ, आवश्यक दवाएं, टार्च, रस्सी महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि) में रखें। बाढ़ के दौरान स्वयं को और बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखें।
बाढ़ की स्थिति में ऊंचे स्थान पर जाए। घर छोडऩे की स्थिति में विद्युत लाईन एवं बिजली के स्विच बंद कर देना चाहिए। बिजली के खंभों, टूटे हुए बिजली के तार से दूर रहें। ताजे व सूखे खाद्य पदार्थों का प्रयोग करें और खाना हमेशा ढक कर रखें। पीने के लिए उबले हुए पानी का ही प्रयोग करें। अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। घर से बाहर अति-आवश्यक होने पर ही निकलें एवं पानी में चलने के लिए छड़ी का प्रयोग कर चलें। बाढ़ के पश्चात् टूटे हुए बिजली के तारों, खंभों, नुकीली वस्तुओं, जहरीले सर्प, कीड़ों और मलबों से दूर रहें। बाढ़ के पानी में रखे खाद्य सामग्री का उपयोग नहीं करें। सड़के अवरूद्ध होने की स्थिति में चेतावनी सूचक संकेत दिखाई देने पर अन्य वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करें। पाईप लाईन या नालियां क्षतिग्रस्त होने पर नल के पानी का उपयोग नहीं करें।

Source: 
visionnewsservice.in

Related News