प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के आचार्यों को मिला प्रशिक्षण

 प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के आचार्यों को मिला प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् की ओर से शदाणी दरबार रायपुर के सभाकक्ष में पांच दिवसीय `संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का शुरुआत छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के अध्यक्ष स्वामी परमात्मानंद ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, सचिव, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् की ओर से किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्कृत विद्यालयों के 72 शिक्षक शामिल हुए।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ कृष्ण वल्लभ शर्मा प्राचार्य दूधाधारी वैष्णव संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मठपारा ने संस्कृत, साहित्य, पुराणेतिहासम्, धर्मशास्त्र, प्रवचनम् और पौरोहित्यम् विषयों के अध्यापन के लिए शिक्षकों का उन्मुखीकरण किया। डॉ. आराधना कण्डे, व्याख्याता शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर ने आयुर्वेद, आर्षज्योति गुरूकुल कोसरंगी (महासमुंद) ने वेद, आर्यप्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष आचार्य अंशुदेव आर्य की ओर से दर्शन, रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत विद्यालय के आचार्य परशुराम की ओर से व्याकरण का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा संस्कृत विद्यालयों के लिए प्रवेशिका (प्राथमिक) स्तर के लिए डॉ. बंशीधर शर्मा, प्रधानाचार्य रामचन्द्र संस्कृत विद्यालय गोलबाजार रायपुर और ज्योतिष विषय पर नीलेश शर्मा, सदस्य छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् की ओर से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान संस्कृत विद्यालय कोपा (जशपुर) के शिक्षक मनेश्वर राम की ओर से संस्कृत संभाषण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बौद्धिक सत्र में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के सहायक संचालक लक्ष्मण प्रसाद साहू और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के सहायक प्राध्यापक बी रघु की ओर से शिक्षकों के अध्यापन तकनीक की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सत्र बिसराराम यादव, सांई उदयलाल (शदाणी दरबार) रायपुर की उपस्थिति में हुआ। कृतज्ञता ज्ञापन लक्ष्मण प्रसाद साहू, सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् की ओर से किया गया। कार्यक्रम में आशारानी चतुर्वेदी, व्याख्याता और आर आर घरडे, सहायक लेखाधिकारी का विशेष सहयोग रहा।

Source: 
Vision News Service

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