फसल कटाई प्रयोग के समय किसानों को उपस्थित होने की सलाह

कृषि विभाग राजनांदगांव की ओर से जिले के किसानों को फसल कटाई प्रयोग के समय अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की सलाह दी गई है। उप संचालक कृषि अश्वनी बंजारा ने बताया कि अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसलों के सीसीई एप्प के माध्यम से आयोजित फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त वास्तविक उपज के आंकड़ों के आधर पर ही बीमा दावा की गणना बीमा कंपनी की ओर से की जाती है। अधिसूचित फसल के कटाई प्रयोग से वास्तविक उपज के आंकड़े यदि ग्राम पंचायत के थे्रसहोल्ड उपज के आंकड़ों से कम हो तो ही क्षति प्रतिशत के आधार पर बीमा राशि का भुगतान बीमित कृषकों को बीमा कंपनी की ओर से किया जाता है। उन्होंने फसल कटाई प्रयोग के लिए क्षेत्र चयन की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत फसलों के वास्तविक उपज के आंकड़े प्राप्त करने के लिए अधिसूचित ग्राम पंचायतों में फसल कटाई प्रयोग आयोजित किया जाना अनिवार्य है। पारदर्शी एवं स्पष्ट रूप से फसल कटाई प्रयोग आयोजित करने के लिए आयुक्त भू-अभिलेख रायपुर द्वारा 4 अंकों का रैण्डम नंबर जारी किया जाता है। इन रैण्डम नंबर के आधार पर ही कृषि एवं राजस्व अधिकारियों की ओर से धान सिंचित एवं धान असिंचित के लिए 4-4 फसल कटाई प्रयोग के लिए खसरा नंबर व कृषकों का चयन किया जाता है। योजना के उद्देश्य एवं पारदर्शिता को दृष्टिगत रखते हुए दो-दो प्रयोग राजस्व विभाग के पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ओर से किया जाता है। धान के अलावा अन्य फसलों के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में 8-8 प्रयोग आयोजित किया जाना प्रावधानिक है। जिनमें से 4-4 प्रयोग पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ओर से संपादित किया जाना है। उन्होंने कहा कि फसल कटाई प्रयोग के समय कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी अनिवार्य है। उन्होंने जिले के कृषकों को फसल कटाई प्रयोग के समय चयनित खसरा नंबर के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम के अन्य कृषकों की उपस्थिति इस समय उपस्थित सुनिश्चित कराने एवं अपने सम्मुख फसल कटाई एवं तौलाई कराने की अपील की गई है।

Source: 
visionnewsservice.in

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