बड़ा खुलासा : बच्चा चोर गिरोह के मामले में ये है रायपुर के RSS के प्रांत सहसंचालक का कनेक्शन !

बड़ा खुलासा : बच्चा चोर गिरोह के मामले में ये है रायपुर के RSS के प्रांत सहसंचालक का कनेक्शन !
बड़ा खुलासा : बच्चा चोर गिरोह के मामले में ये है रायपुर के RSS के प्रांत सहसंचालक का कनेक्शन !
बड़ा खुलासा : बच्चा चोर गिरोह के मामले में ये है रायपुर के RSS के प्रांत सहसंचालक का कनेक्शन !
बड़ा खुलासा : बच्चा चोर गिरोह के मामले में ये है रायपुर के RSS के प्रांत सहसंचालक का कनेक्शन !

14 साल की नाबालिग गर्भवती के गर्भ में पल रहे बच्चे का सौदा किए जाने के सनसनीखेज मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. लल्लूराम डाॅट काम की पड़ताल में सामने आ रहे तथ्य सवाल उठा रहे हैं कि गर्भ का सौदा किए जाने के आरोप में पुलिस की गिरफ्त में आई डाॅ. शानू मसीह का क्या आरएसएस कनेक्शन है? दरअसल यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि मसीह के क्लीनीक का रजिस्ट्रेशन नंबर किसी और का नहीं, बल्कि आरएसएस के प्रांत सह संचालक का है. ये खुलासा बेहद चौकाने वाला है. इस खुलासे के बाद प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी सवालों के घेरे में अा गया है.

लल्लूराम डाॅट काम ने गर्भ का सौदा किए जाने के मामले में पड़ताल की, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. पड़ताल में यह बात सामने आई है कि डाॅ. शानू मसीह के क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नंबर 1030 पाया गया है. छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट बताती है कि यह रजिस्ट्रेशन नंबर आरएसएस के प्रांत सह संचालक डाॅ. पूर्णेन्दू सक्सेना के नाम पर रजिस्टर्ड है.

ऐसे में सवाल उठता है कि जब मेडिकल काउंसिल ने यह रजिस्ट्रेशन नंबर डाॅ. पूर्णेन्दू सक्सेना के नाम पर रजिस्टर्ड किया है, तो ऐसे में डाॅ. मसीह इसका इस्तेमाल कैसे कर रही हैं? क्या इसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है?

इधर इस मामले में डाॅ. पुर्णेन्दू सक्सेना से जब यह पूछा गया कि उनके रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कहीं और किया जा रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी जानकारी के संबंध में मेडिकल काउंसिल से पूछिए. उन्हें जब ये बताया गया कि ये रजिस्ट्रेशन नंबर डॉ शानू मसीह इस्तेमाल कर रही है जो बच्चा खरीदने- बेचने के मामले की आरोपी है, तो उन्होंने कहा यदि ऐसा होगा तो वे देखेंगे कि उन्हें क्या करना है.

किसी भी डॉक्टर को प्रैक्टिस के लिए डॉक्टर की डिग्री लेने बाद मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसमें पूरी डिग्री समेत अन्य कई दस्तावेज उन्हें जमा करने होते है. जिसके बाद मेडिकल काउंसिल उन्हें उनका रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराता है जो उन्हें अपने क्लीनिक में काउंसिल से मिली अनुमित के लैटर के साथ लगना अनिवार्य होता है, जिससे यह पता चल सके कि उस डॉक्टर के पास क्या डिग्री है और कही वे झोलाछाप तो नहीं.

इस मामले में यदि मेडिकल काउंसिल ने 1030 रजिस्ट्रेशन नंबर यदि डॉ पूर्णेंदू सक्सेना को ऑलट किया है तो ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि कही ये महिला डॉक्टर झोलाछाप तो नहीं ? जबकि वह महिला डॉक्टर ने अपने अस्पताल के बोर्ड में अपने पास एमबीबीएस, एमडी लिखा है. यदि उक्त डॉक्टर के पास इसकी कोई डिग्री होती तो उसका रजिस्ट्रेशन हुआ होता और उन्हें चार अंकों का अलग रजिस्ट्रेशन नंबर छत्तीसगढ़ में प्रैक्टिस करने के लिए मिला होता.

Source: 
lalluram.com

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