बस्तर में पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष नक्सली घटनाएं कम

देश में सबसे अधिक नक्सल हिंसाग्रस्त छत्तीसगढ़ में पिछले वर्षों की अपेक्षा नक्सली घटनाओं में कमी आई है। हालंकि नक्सलियों ने वर्ष 2018 में अपने हमले कम नहीं किये लेकिन उनके संघटन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। आंकड़े बताते हैं कि कई बड़े हमले पैरामिलिट्री फोर्स ने नाकाम किये। कहा जा सकता है कि राज्य में नक्सलियों ने साल भर उत्पात मचाया और उन पर अंकुश लगाने में पुलिस को सफलता भी मिली।
सरकारी आकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष बस्तर जोन में घटनाओं में कमी आई है। 1 जनवरी से 30 नवंबर तक की जानकारी के अनुसार बस्तर जोन के दंतेवाड़ा,कांकेर बीजापुर,नारायणपुर,कोंडागांव,सुकमा और बस्तर जिले में कुल 436 नक्सली अपराध पंजीबद्ध किये गये हंै। इनमें 157 मुठभेड़,मारे गये नक्सलियों की संख्या 111,गिरफ्तार नक्सलियों की संख्या 1079,समर्पित नक्सली 451,नक्सली कैम्प पर रेड 4,विभिन्न प्रकार के 209 हथियार बरमाद किये गये है।
बस्तर रेंज के पुलिस महाानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि बस्तर संभाग में नक्सलियों ने वर्ष 2018 में कुल 69 विस्फोट किये। सुरक्षा बलों के जवानों ने 276 आईईडी बरामद की जबकि 1075 डेटोनेटर और 661 जिंदा कारतूस नक्सलियों से जब्त किये गये। विभिन्न जिलों में मुठभेड़ और विस्फोट से पैरामिलिट्री फोर्सेस,जिला पुलिस बल,डीआरजी सहित बस्तर में तैनात अन्य सुरक्षा बलों के 50 जवान शहीद हुये जबकि,मुखबिरी व अन्य कारणों से 67 आम नागरिकों को अपनी जान गवानी पड़ी।
1 जनवरी से 30 नवंबर 2018 के बीच सुरक्षा बलों के 121 जवान घायल हुये जबकि 30 आम नागरिकों को नक्सलवाद का दर्द उठना पड़ा। विगत वर्षों में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों से लुटे गये 16 हथियार भी फोर्स ने बरमाद किये हैं। जिलेवार घटनाओं की बात की जाये तो बस्तर जिले में 15 अपराध दर्ज किये गये हंै। इस वर्ष 5 मुठभेड़ हुई जिसमें 1 नक्सली का शव बरमाद किया गया। 46 गिरफ्तारियां,22 समर्पण,1 हथियार 4 आईईडी जब्त हुई। इस बीच 1 विस्फोट 1 जवान घायल तथा 1 आम नागरिक की हत्या हुई।
देश में नक्सलियों के गढ़ के रूप में चर्चित छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित क्षेत्र इस वर्ष भी अशांत रहा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां नक्सली सक्रिय रहे तथा पुलिस ने भी नक्सल विरोधी अभियान जारी रखा। पुलिस ने कार्रवाई कर कुछ नक्सली कमाडरों समेत कई नक्सलियों को मार गिराया जबकि कई इनामी नक्सली नेताओं को गिरफ्तार भी किया है। नक्सल उन्मूलन के तहत पुलिस ने बस्तर के सभी सातों जिलों में अलग-अलग नामों से अभियान छेड़ा। फलस्वरूप कई नक्सलियों ने संघटन छोड़कर मुख्यधारा को अपनाया।

Source: 
visionnewsservice.in

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