बस्तर में शिक्षा में सुधार के लिए उठाये जा रहे नये कदम

बस्तर में शिक्षा का स्तर अत्यंत निम्न है, इसका खुलासा तो इसी बात से हो गया कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों आठवीं के बच्चों से पहाड़ा पूछा और वे बता नहीं पाये। इसे लेकर मुख्यमंत्री बहुत ही आहत हुये और उनके दबाव से अब बस्तर में शिक्षा के सुधार के लिए नये कदम उठाये जा रहे हैं।
इसके लिए योजना बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्कूलों का आकर्षण ऐसा हो कि बच्चे स्कूल आने के लिए नियमित रूप से उत्सुक रहें। इसके अतिरिक्त बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने के लिए प्रेरित करने का कार्यक्रम भी होगा। स्कूल में बच्चों को साफ-सुथरा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो और वे भी साफ-सुथरे होकर स्कूल आयें। इसके लिए समग्र रूप से स्वच्छता का संदेश भी बच्चों के पालकों सहित बच्चों को और स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों भी जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
इस योजना के तहत सबसे बड़ी बाधा स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के नियमित रूप से स्कूल नहीं आने की है। इसे दूर करने और शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल पहुंंचने और अपने कार्य क्षेत्र में काम करने के लिए सजग किया जा रहा है। शिक्षकों को स्कूल के प्राचार्यों से चर्चा कर बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें शिक्षित करने के लिए भी आवश्यक उपाय किये जा रहे हैं। शिक्षकों को यह उत्तरदायित्व भी सौंपा जा रहा है कि वे अपने स्कूलों में बच्चों को सीखने और सिखाने के लिए प्रोत्साहित करें और उनके साथ बैठकर चर्चा करने तथा बच्चों में पुस्तकों के पढऩे के लिए पुस्तकालय का उपयोग करने की समझाईश दी जाये और भी बहुत सारे कथन स्वच्छता के साथ शिक्षकों को बच्चों को सक्रिय रखने वा उनकी ओर से किये गये कार्य की जांच करने के लिए भी कहा जा रहा है।

Source: 
visionnewsservice.in

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